MP News: जमीन की गाइडलाइन दरों में बड़े बदलाव की तैयारी है। जिला मूल्यांकन समिति ने 4840 में से 2606 लोकेशन पर दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। कई इलाकों में 200 से 270 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव है।
Land Prices: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जमीन की गाइडलाइन दरों में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। ग्वालियर जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में जिले की 4840 लोकेशन में से 2606 जगह दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्ताव के अनुसार, कई क्षेत्रों में 10 से लेकर 270 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जा सकती है। 158 नई कॉलोनियों को गाइडलाइन में शामिल करने और 597 लोकेशन को आपस में मर्ज करने का निर्णय भी लिया गया है।
कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में पंजीयन विभाग ने संशोधित गाइडलाइन दरों का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान वित्तीय वर्ष में अप्रेल से 28 फरवरी के बीच जिले की 4840 लोकेशन में से 3120 जगह जमीन के दस्तावेज गाइडलाइन दर से अधिक कीमत पर पंजीकृत हुए। संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर से मिले इन आंकड़ों के आधार पर लगभग 46 प्रतिशत यानी 2606 लोकेशन पर दूरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। (MP News)
प्रस्ताव के अनुसार, पूर्वी बायपास से जुड़े करीब 25 गांवों और सांवेर क्षेत्र के लगभग दो दर्जन गांवों में सबसे अधिक वृद्धि प्रस्तावित है। पुराने शहर, अवैध बस्तियों और अधिग्रहण से प्रभावित क्षेत्रों में फिलहाल गाइडलाइन दरों में बदलाव नहीं किया गया है। वरिष्ठ जिला पंजीयक अमरेश नायडू ने बैठक में बताया कि कम्पेल और बिचौली हप्सी जैसे क्षेत्रों में कई जमीनों के दस्तावेज गाइडलाइन से करीब 230 प्रतिशत अधिक दरों पर पंजीकृत हुए हैं। इसी आधार पर इन क्षेत्रों में लगभग 150 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया था।
गाइडलाइन को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए 597 लोकेशन को आसपास की लोकेशन के साथ मर्ज करने का प्रस्ताव है। 158 नई कॉलोनियों को भी पहली बार गाइडलाइन में शामिल किया जाएगा। इन बदलावों के बाद जिले में कुल लोकेशन की संख्या 4840 से घटकर 4579 रह जाएगी। इनमें सबसे अधिक 903 लोकेशन इंदौर-2 क्षेत्र में होंगी। मर्ज होने वाली लोकेशन में इंदौर-1 की 55, इंदौर-2 की 105, इंदौर-3 की 129, इंदौर-4 की 105, महू की 175 और सांवेर की 28 लोकेशन शामिल हैं, जबकि देपालपुर में कोई लोकेशन मर्ज नहीं की गई है।
जिले में कुल 4840 लोकेशन पर जमीन के दस्तावेज पंजीकृत हो रहे हैं। इनमें 3038 लोकेशन शहरी और 1802 लोकेशन ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। प्रस्तावित संशोधन के तहत 2606 लोकेशन पर दरों में वृद्धि की योजना है, जिनमें 1351 शहरी और 1255 ग्रामीण लोकेशन हैं।
बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने ऐसे क्षेत्रों में दरों में 150 के बजाय 200% तक वृद्धि के निर्देश दिए, ताकि गाइडलाइन दरें बाजार मूल्य के करीब पहुंच सकें। आइडीए सीईओडॉ. परीक्षित झाड़े ने प्राधिकरण के प्रकोष्ठों की कुछ दरों को कम करने का सुझाव रखा। एसडीएम घनश्याम धनगर ने सड़क अधिग्रहण से प्रभावित गांवों में दरों में वृद्धि का प्रस्ताव रखा। बैठक में विधायक महेंद्र हार्डिया, वरिष्ठ जिला पंजीयक मंजुला पटेल आदि मौजूद रहे।
प्रस्तावित गाइडलाइन दरों पर 16 से 21 मार्च तक दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। वरिष्ठ जिला पंजीयक अमरेश नायडू के अनुसार, नागरिक पंजीयन कार्यालयों के साथ वाट्सएप और ईमेल से भी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। प्राप्त दावे-आपत्तियों का निराकरण करने के बाद संशोधित प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजा जाएगा।