
Indore news: अगर आप लंबे समय से मोटापे का शिकार है और वजन नहीं कम कर पा रहे है तो ये खबर आपको वजन कम करने में थोड़ी मदद कर सकती है। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में लोग बेरिएट्रिक सर्जरी कराकर अपने वजन को कम कर रहे है। जिससे उनके शरीर में लंबे समय से चली आ रही बीमारियों से भी निजात मिल रहा है। बता दें कि शहर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के एमवायएच में बेरिएट्रिक सर्जरी कराने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। निःशुल्क सर्जरी के तहत तीन महीने पहले इंदौर के एक मरीज की सर्जरी की गई। उसका वजन 138 किलो था, जो सर्जरी के बाद 90 किलो हो गया है। उन्हें 12 तरह की बीमारियां थीं। मोटापा कम होने से ये समस्याएं भी बहुत हद तक कम हो चुकी हैं।
डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि अधिक वजन के कारण मरीज चल और बैठ नहीं पा रहा था। उसे नींद नहीं आती थी, कोलेस्ट्रॉल बढ़ा था, पैर के ज्वाइंट खराब होने लगे थे, डायबिटिक, हाइपर टेंशन, पेनक्रियाज, हार्ट और फेफड़ों में भी सूजन आ रही थी। मरीज को तीन से चार दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया। इसके बाद एक सप्ताह में छुट्टी दी गई। मरीज अब इन सभी परेशानियों से निजात पा रहा है। यह ऑपरेशन निःशुल्क किया गया था। एमजीएम मेडिकल कॉलेज की टीम इसके लिए तैयार हो रही है। इससे सप्ताह में दो सर्जरी हो सकेगी। प्रबंधन के अनुसार, फरवरी से अब तक 50 सर्जरी हो चुकी है। करीब 30 मरीज वेटिंग में हैं। इनमें इंदौर सहित आसपास के जिलों व मप्र के बाहर के मरीज शामिल है।
एमवायएच की ओपीडी में मोटापे को लेकर चलाई जा रही ओपीडी में रोजाना 20 से 25 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से 5 मरीज 100 किलो से अधिक वजन वाले होते हैं। मरीजों को दवा के साथ डाइट प्लान भी डॉक्टर्स बनाकर दे रहे हैं, ताकि बगैर सर्जरी वजन कम करने में मदद मिले। फिजियोथेरेपी विभाग में भी उन्हें भेजा जा रहा है।
बेरिएट्रिक सर्जरी (वजन घटाने की सर्जरी) पाचन तंत्र में बदलाव करके गंभीर मोटापे का इलाज करने की एक प्रभावी प्रक्रिया है। इसमें दो प्रकार की सर्जरी की जाती है, जो मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। इससे पेट का आकार छोटा हो जाता है और भूख कम लगती है। यह उन लोगों के लिए है जिनका बीएमआई (BMI) 40 से अधिक हो या 35 से अधिक होने पर गंभीर बीमारियां हों। डाइट और एक्सरसाइज से वजन कम न होने पर यह विकल्प चुना जाता है।
गैस्ट्रिक स्लीव (Gastric Sleeve): इस प्रकिया में पेट का एक बड़ा हिस्सा काटकर बाहर निकाल दिया जाता है।
गैस्ट्रिक बाईपास (Gastric Bypass): इस प्रकिया में पेट को छोटा करके छोटी आंत से सीधे जोड़ दिया जाता है।
डुओडेनल स्विच (Duodenal Switch): इस प्रकिया में भोजन का अवशोषण बहुत हद तक कम हो जाता है।