इंदौर

बेटे की मौत की खबर से बेसुध हो गई मां, मेजर हमजा आरिफ को पुकार रहीं, इंदौर में करेंगे सुपुर्द-ए-खाक

Major Hamza Arif Indore - रविवार को होगा अंतिम संस्कार, हवाई सेवा बंद होने से सड़क के रास्ते ला रहे मेजर का पार्थिव शरीर, जैसलमेर में हादसे में हुई थी मौत
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Aug 01, 2026
मेजर हमजा आरिफ को इंदौर में करेंगे सुपुर्द-ए-खाक
मेजर हमजा आरिफ को इंदौर में करेंगे सुपुर्द-ए-खाक- Image X

Major Hamza Arif - इंदौर के राजेंद्र नगर में मातम पसरा है। स्वर्गीय मेजर हमजा आरिफ का यहीं निवास था। उनके पार्थिव शरीर को शनिवार को गृहनगर लाया जा रहा है। मेजर हमजा आरिफ के परिजन बेसब्री से इसका इंतजार कर रहे हैं। हादसे में मौत की खबर आने के बाद से ही उनके मां पिता की आंखों से आंसू थम नहीं रहे। बेटे की मौत की बात सुनते ही मां बेसुध हो गईं थीं। मेजर हमजा आरिफ के पिता 83 साल के फकरूद्दीन हमजा भी बेटे को लगातार याद कर रहे हैं। उन्होंने अपने होनहार बेटे को समाज का गौरव बताते हुए उसके संघर्ष से जुड़ी कई बातें भी साझा कीं।

राजस्थान के जैसलमेर शहर से 12 किलोमीटर दूर थईयात आर्मी स्टेशन क्षेत्र में गुरुवार देर रात दर्दनाक हादसे में सेना के मेजर हमजा आरिफ की मौत हो गई। दो अन्य साथी गंभीर हैं। पुलिस के अनुसार, रात 12.30 बजे मेजर हमजा, अपने साथी अधिकारी आयुष्मान और अभिनव राठौड़ के साथ ड्यूटी पूरी कर आर्मी स्टेशन लौट रहे थे। आर्मी स्टेशन के पास ही अचानक सामने आए ऊंट से उनकी एसयूवी की भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एसयूवी कार चार-पांच बार पलट गई। करीब 100 मीटर घिसटती चली गई। तत्काल स्थानीय पुलिस, सैन्य पुलिस और सेना के अफसर पहुंचे। तीनों को आर्मी हॉस्पिटल ले गए। यहां इलाज के दौरान मेजर की मौत हो गई। सदर और सेना पुलिस जांच कर रही है। हादसे के बाद ऊंट की भी मौत हो गई।

मां बार बार अपने बेटे को पुकार रही

32 साल के मेजर हमजा मूलत: इंदौर के थे। उनकी मौत की खबर से इंदौर के राजेंद्र नगर स्थित घर में मातम पसर गया। मां रिहाना व अन्य घरवाले बेसुध हो गए। मां तो बार बार अपने बेटे को पुकार रही है।

हमजा के पिता ने नम आंखों से बताया कि वह 10 साल से आर्मी में था। ढाई साल से मेजर के पद पर था। हमजा बचपन से ही आर्मी में जाना चाहता था। बीई करने के बाद उसने आर्मी की परीक्षा पास की। जैसलमेर से पहले जम्मू में भी रहा।

रविवार को इंदौर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा

मेजर हमजा आरिफ के परिवार से जैसलमेर मुख्यालय से सेना अधिकारी लगातार फोन पर संपर्क कर रहे हैं। मेजर के परिजन ने बताया कि आर्मी अधिकारी ने हमजा के पिता से फोन पर चर्चा की। वे शुक्रवार को ही इंदौर आने वाले थे। चूंकि जैसलमेर में हवाई सेवा बंद है, इसलिए मेजर के पार्थिव शरीर को शनिवार को सड़क के रास्ते इंदौर लाया जा रहा है। संभवत: उन्हें रविवार को इंदौर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

Updated on:
01 Aug 2026 07:56 am
Published on:
01 Aug 2026 07:53 am