
Indore news:एमपी के इंदौर शहर में इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र की मौत पर अभी तक खुलासा नहीं हुआ है कि राम ने ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया। राम के मामा राजेश पटेल निवासी रामगढ़ ने बताया, राम के साथ पढ़ने वाले छात्र ने कॉल कर बताया था कि उसकी तबीयत बिगड़ गई है। आप जल्दी आ जाओ। हमारे परिवार की बेटी भी उसकी कॉलेज में पढ़ती है। राम ने ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया, जिसकी जानकारी किसी को नहीं है। वह पढ़ाई में होशियार था, वहीं हमें कोई भी आर्थिक दिक्कत नहीं है।
हालांकि, राम करीब सालभर से डिप्रेशन में था, लेकिन इसकी वजह समझ नहीं आई। दो तीन दिन पहले ही वह घर रहने आया था। वहां अच्छे से रहा और फिर पढ़ाई के लिए कॉलेज चला गया। राम हमारे परिवार में हमेशा फर्स्ट डिविजन से पास होता था। उसे 10वीं में 95 तो 12वीं में 90 प्रतिशत अंक मिले थे। मामा ने कहा, हमारा पूरा परिवार किसान है। राम के पिता किसान हैं। परिवार में राम का छोटा भाई है।
पुलिस ने आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए छात्र के मोबाइल की जांच करने की बात कही है। जल्द ही होस्टल की जांच के साथ कॉलेज में पढ़ने वाले अन्य छात्रों के भी बयान लेगी। पुलिस मामले में प्रेम प्रसंग, संस्थान में किसी वजह से आत्मघाती कदम उठाने वाले बिंदु पर भी जांच करेगी।
जानकारी के लिए बता दें कि की डेक्स मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र की जहर खाने से जान चली गई। बताया जा रहा है कि छात्र होस्टल से कक्षा में गया था। इस बीच तबीयत बिगड़ गई। साथियों ने उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने खुदकुशी पर कई बिंदु पर जांच करने की बात कही है। परिजन का कहना है कि बेटा डिप्रेशन में रहता था। हालांकि, खुदकुशी की वजह की किसी को भी जानकारी नहीं है।
टीआइ करणी सिंह शक्तावत के मुताबिक, राम (21) पिता अजय पटेल निवासी ग्राम रामगढ़ बड़वाह (खरगोन) की मौत की सूचना मिलने पर थाने से टीम पहुंची। प्रारंभिक जांच में पता चला कि छात्र कॉलेज के होस्टल में रहकर एमबीबीएस तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। होस्टल में जहर खाने के बाद वह क्लास अटेंड करने पहुंचा था। इस दौरान अचानक उल्टियां होने लगी। साथी उसे कॉलेज के हॉस्पिटल में लेकर गए, जहां कुछ देर चले इलाज के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया है।