
Indore Municipal Corporation Officer: मध्यप्रदेश में एक और सरकारी अधिकारी करोड़पति निकला है। इंदौर नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जितेन्द्र कुमार पांडेय के पास लोकायुक्त की कार्रवाई में 4.50 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति होने का खुलासा हुआ है। शुक्रवार को सुबह 6 बजे लोकायुक्त की दो टीमों ने जितेंद्र कुमार पांडेय के इंदौर के आनंद नगर एक्सटेंशन (नौलखा) स्थित आवास व अन्य ठिकानों पर छापे मारे। दिनभर चली कार्रवाई के बाद देर शाम को सहायक राजस्व अधिकारी जितेन्द्र कुमार पांडेय के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति होने का खुलासा हुआ है।
अनुपातहीन संपत्ति की शिकायत की जांच के बाद लोकायुक्त ने दो अलग-अलग टीमें गठित कीं। डीएसपी सुनील तालान, आनंद चौहान, निरीक्षक आशुतोष मिठास और सचिन पटेरिया की टीम ने नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र पांडेय के घर व ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। उनकी पत्नी भावना के नाम से चल रहे हॉस्टल पर भी लोकायुक्त टीम ने छापा मारा। बताया गया है कि जितेन्द्र कुमार पांडेय नगर निगम में करीब 31 साल से हैं। पूरे सेवाकाल में जितेंद्र पांडेय को वेतन के रूप में करीब 80 लाख रुपए मिले जबकि जांच में 4 करोड़ 59 लाख 87 हजार 491 रुपये की संपत्ति मिली है। जो कि वैध आय की तुलना में करीब 474.84 प्रतिशत ज्यादा है।
इंदौर नगर निगम में सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र पांडेय के ठिकानों पर लोकायुक्त की रेड में उनकी पत्नी के नाम पर दो मकान दुकान होने की बात सामने आई है। लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच के मुताबिक पत्नी भावना पांडेय के नाम पर एक बिल्डिंग में हॉस्टल चल रही है। गजाधर नगर, चितावद के गुलमोहर का बगीचा इलाके में यह मल्टी स्टोरी बनी है। हॉस्टल भवन की लागत करीब 91.50 लाख रुपए बताई गई है। आनंद नगर एक्सटेंशन में नवलखा-चितावद इलाके में भी भावना पांडेय के नाम से एक बिल्डिंग मिली है। 40x50 फीट के इस प्लॉट पर बहुमंजिला भवन बना है जिसकी कीमत करीब 1.20 करोड़ रुपए आंकी गई है।