3 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

SIR से इंदौर में हटाए गए 1.36 लाख वोटर, चुनाव आयोग का डेटा गायब, IT शाखा के खेल का खुलासा

Indore SIR Voter List: इंदौर में वोटर सूची से 1.36 लाख से ज्यादा नाम हटाने (SIR Voter Deletion) की प्रक्रिया पर बड़ा सवाल उठा है। आरटीआई में गरुड़ ऐप और ERO Net का डिजिटल रिकॉर्ड नहीं मिला।
3 min read
Google source verification

इंदौर

•

image

Akash Dewani

•

Oct 03, 2026

sir voter list data missing election commission voter deletion

Indore SIR Voter List: SIR से इंदौर में हटाए गए 136000 वोटर का डेटा गायब (फोटो सोर्स- Patrika)

SIR Voter Deletion: देश में वोटर लिस्ट के स्पेशल इन्टेसिव रिवीजन (एसआइआर) और निर्वाचन आयोग (Election Commission) की कार्यशैली को लेकर चल रहे विवाद के बीच इंदौर में निर्वाचन आयोग की आइटी शाखा का बड़ा खेल सामने आया है। मध्य प्रदेश में एसआइआर व फर्जी-समान फोटो वाले वोटरों के नाम हटाने में इस्तेमाल किए गए गरुड़ ऐप और ईआरओ नेट का डेटा ही राज्य निर्वाचन आयोग के पास नहीं है। सूचना का अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई तो इंदौर जिले के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने स्वीकार किया कि उनके पास गरुड़ ऐप या बीएलओ द्वारा गरुड़ ऐप और ईआरओ नेट पर की गई इंट्री से जुड़ा कोई डिजिटल रिकॉर्ड (जैसे पेन ड्राइव, वीडियो या बैकअप डेटा) नहीं है।

हटाए गए 1.36 लाख नाम, डिजिटल रिकॉर्ड गायब

पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने जिला निर्वाचन कार्यालय इंदौर और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मप्र से 5 जनवरी 2022 से 15 अक्टूबर 2022 तक इंदौर के सभी 9 विधानसभा देपालपुर, इंदौर-1, इंदौर-2, इंदौर-3, इंदौर-4, इंदौर-5, डॉ. अंबेडकर नगर (महू), राऊ और सांवेर से हटाए गए 1 लाख 36 हजार 552 मतदाताओं से जुड़े दस्तावेज मांगे थे। इसके अलावा भी कई जानकारियां मांगी गई। जिला निर्वाचन कार्यालय इंदौर और राज्य निर्वाचन पदाधिकारी ने एक ही जवाब दिया कि कोई डिजिटल रिकॉर्ड संधारित नहीं किया गया।

डेढ़ साल से आयोग ने नहीं लिया फैसला

निर्वाचन कार्यालयों में डेटा न होने के बाद इसकी शिकायत पूर्व पार्षद कौशल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी समेत मप्र के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा को 31 जुलाई 2025 को भेजी थी। आरोप लगाया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर मप्र 230 विधानसभा सीटों में वोटरों के नाम गरुड़ ऐप से हटाए गए। लेकिन बाद में ऐप और उसके डेटा को नष्ट कर दिया गया। बैकअप भी नहीं लिया। आरोप यह भी लगाया कि ऐप संचालित करने वाले ठेकेदार से डेटा रिकवरी की कोई कानूनी कार्रवाई भी नहीं की। सवा साल से भी ज्यादा समय से ये शिकायत लंबित ही है।

ठेकेदार व अनुबंध की जानकारी पर टालमटोल

ठेका कंपनी और अनुबंध से जुड़ी जानकारी मांगने पर भी अफसरों ने टालमटोल की। ठेकेदार कंपनी, उसको दिए वर्क ऑर्डर, बैंकअप डेटा और पत्राचार की जानकारी देने के विषय पर अधिकारियों ने जवाब दिया कि यह जानकारी इस इस कार्यालय शाखा से संबंधित नहीं है या वरिष्ठ जिला निर्वाचन कार्यालय से संबंधित है। इस तरह कोई जानकारी ही नहीं दी गई।

हर विधानसभा के जवाब भी अलग

विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने जून 2025 में जवाब भी अलग-अलग दिए हैं।

देवालपुर 203: निर्वाचन कार्यालय ने लिखा, इस कार्यालय से ईआरओ नेट या बीएलओ के गरुड़ ऐप से संबंधित कोई डिजिटल रिकॉर्ड संधारित नहीं किया गया है।

इंदौर-1 (204): निर्वाचन कार्यालय ने जवाब दिया कि उस समय भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश न होने से डिजिटल रिकॉर्ड का संधारण नहीं किया गया।

विधानसभा 205 (इंदौर-2), 206 (इंदौर-3), 207 (इंदौर-4), 208 (इंदौर-5), 210 (राऊ) एवं 211 (सांवेर): सभी निर्वाचन कार्यालय ने एक जैसा उत्तर देते हुए कहा कि गरुड़ ऐप से संबंधित कोई डिजिटल रिकॉर्ड कार्यालय में उपलब्ध या संधारित नहीं है।

एमपी सीईओ ने गरुड़ ऐप पर काम के लिए कहा था

एमपी के मुख्य निर्वाचन म पदाधिकारी कार्यालय से अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजेश कुमार कौल ने 01 सितंबर 2022 व 02 दिसंबर 2022 को जारी परिपत्रों में स्पष्ट किया था कि फोटो सिमिलर इंट्री व डेटा सिमिलर इंट्री के फील्ड वेरिफिकेशन के लिए बीएलओ गरुड़ ऐप का ही उपयोग करें।

ये जानकारी मांगी थी

निर्वाचन कार्यालय केइस्तेमाल किए जाने वाले गरुड़ ऐप और ईआरओ नेट पर की गई इंट्री व अफसरों के निर्णयों का डिजिटल रिकॉर्ड (वीडियो, पेन ड्राइव, व्हाट्सएप-ईमेल प्रति), गरुड़ ऐप और ईआरओ नेट का संचालन करने वाली ठेका कंपनी और कार्यादेश और अनुबंध।

ठेका कंपनी से निर्वाचन शाखा को दिए गए बैकअप रिकॉर्ड।

ठेका कंपनी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज।

राज्य निर्वाचन पदाधिकारी व भारत निर्वाचन आयोग से हुए पत्राचार व नोटशीट की कॉपी।