
NEET Student Suicide : मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में रहकर नीट की परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा परीक्षा रद्द होने के बाद से तनाव में चल रही छात्रा की शुक्रवार को बिल्डिंग से गिरकर हुई मौत के मामले को पुलिस ने आत्महत्या माना है। अब इसी आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस छात्रा के मोबाइल की तकनीकी जांच करेगी और जल्द ही परिजन के बयान भी लिए जाएंगे।
मामले की जांच में जुटे थाना प्रभारी संतोष दूधी ने बताया कि, 21 वर्षीय अवंतिका के पिता बंशी मौर्य निवासी धार जिले के गंधवानी में स्थित ग्राम बलवाड़ी की धाकड़ कॉलोनी स्थित बिल्डिंग की तीसरी मंजिल से गिरने से मौत हुई थी। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। छात्रा के मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
परिजन ने किया अंतिम संस्कार
घटनास्थल की जांच करने गई टीम को पता चला है कि, छात्रा तीसरी मंजिल से कूदी थी। गंभीर चोट आने से उसकी जान गई है। पोस्टमॉर्टम के बाद छात्रा का शव अंतिम संस्कार के लिए परिजन गृह क्षेत्र ले गए थे।
मालूम हो, छात्रा की डॉक्टर बहन ने खुलासा किया था कि, अवंतिका तीन साल से नीट की तैयारी कर रही थी। हाल ही में नीट परीक्षा रद्द होने से वो काफी तनाव में थी। दिन में वो हां, ना का जवाब देती रही। छात्रा के पिता ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से चर्चा में बेटी द्वारा आत्महत्या करने की बात कही थी।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि, परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और बढ़ते प्रतिस्पर्धी दबाव ने युवाओं के भीतर असुरक्षा और चिंता का माहौल पैदा किया है, जिस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। सिंघार ने उनकी विधानसभा की बेटी अवंतिका मौर्य के परिवार को एक लाख की आर्थिक सहायता भी प्रदान की है।
शुक्रवार को जब अवंतिका की अंतिम यात्रा उसके गृहग्राम बलवारी खुर्द पहुंची तो गांव का माहौल गमगीन हो गया। नम आंखों और भारी मन से लोगों ने उसे अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और शुभचिंतक शामिल हुए। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल था, इतनी होनहार बेटी इतनी जल्दी क्यों चली गई?
अवंतिका के पिता डॉ. बनसिंह मौर्य स्वयं एमबीबीएस डॉक्टर हैं और मौजूदा समय में भीकनगांव में मेडिकल ऑफिसर के पद पर पदस्थ हैं। बेटी की याद में उनका दर्द शब्दों में बयां नहीं हो पा रहा। उन्होंने बताया कि, अवंतिका डॉक्टर बनने के लिए पूरी मेहनत कर रही थी। परिवार को उसके संघर्ष और सपनों पर गर्व था।