
Indore Airport Flight: मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल से उड़ान भरने वाले यात्रियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआइ) के अप्रैल माह के आंकड़ों के अनुसार इंदौर एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में 5.2 प्रतिशत की कमी आई है।
एक महीने में ही करीब 18 हजार यात्रियों ने हवाई सफर से दूरी बना ली। विशेषज्ञ इसकी बड़ी वजह महंगे हवाई टिकट, एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की बढ़ती कीमतें और कुछ उड़ानों का निरस्त होना मान रहे हैं। एएआइ के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में इंदौर एयरपोर्ट से 3 लाख 24 हजार 197 यात्रियों ने यात्रा की, जबकि इससे पहले 2025 में यह संख्या 3 लाख 41 हजार 957 थी। यानी एक महीने में लगभग 17,760 यात्रियों की कमी दर्ज हुई। ये आगे भी जारी रह सकती है।
मार्च माह की तुलना में भी यात्री संख्या 40 हजार कम हुई है। आंकड़ों से साफ है कि हवाई यात्रा की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी देशों में बदले हालात के कारण बीते कुछ महीनों में हवाई किरायों में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में कम दूरी के सफर के लिए लोगों ने ट्रेन और सड़क मार्ग को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है। इसके अलावा कुछ प्रमुख रूटों पर उड़ानों की संख्या में कमी और फ्लाइट कैंसिलेशन का असर भी यात्रियों की संख्या पर पड़ा है।
एयरपोर्ट से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन प्रभावित होने से भी इंदौर के आंकड़ों पर असर पड़ा है। शहर से सीधे विदेश जाने वाले यात्रियों को फिलहाल दूसरे एयरपोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है। आने वाले महीनों में नई उड़ानों और अंतरराष्ट्रीय सेवाओं के शुरू होने पर यात्री संख्या में फिर बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
देशभर के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल में कुल हवाई यात्रियों की संख्या में 5.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इंदौर अकेला ऐसा शहर नहीं है जहां यह स्थिति बनी है। कस्टम एयरपोर्ट श्रेणी में भोपाल में 4.2 प्रतिशत, पुणे में 5.3 प्रतिशत, चंडीगढ़ में 4.2 प्रतिशत और विशाखापट्टनम में 6.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हालांकि घरेलू उड़ानों के स्तर पर गिरावट करीब 3.2 प्रतिशत रही है।
एयरपोर्ट -गिरावट
इंदौर 5.2 %
भोपाल 4.2 %
पुणे 5.3 %
चंडीगढ़ 4.2%
विशाखापट्टनम 6.5 %