राहुल द्रविड ने भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच का पदभार संभालने की स्वीकृति दे दी है। 14 नवंबर से वो नए हेड कोच होंगे। इस पद के लिए उन्हें अब तक की सबसे अधिक सैलरी पर लिया जा रहा है। सैलरी होगी 10 करोड़...।
इंदौर. 'द वॉल ऑफ इंडियन क्रिकेट' और 'जेंटलमैन' के नाम से मशहूर भरतीय क्रिकेट टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी रहे राहुल द्रविड़ अब टीम इंडिया के साथ नई भूमिका में दिखाई देने वाले हैं। भारतीय क्रिकेट टीम ने द्रविड को मुख्य कोच की जिम्मेदारी सौंपी है। द्रविड़ आईपीएल 2021 के फाइनल के लिए बीसीसीआई के मेहमानों में से एक थे यहीं उन्होंने कोच बनने की जिम्मेदारी को कबूल किया। द्रविड़ का ये अनुबंध 2023 तक रहेगा। वो टी 20 विश्व कप 2021 के बाद यानी 14 नवंबर के बाद अपनी जिम्मेदारी भालेंगे। मौजूदा समय में द्रविड़ राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख हैं, लेकिन मुख्य कोच का पद संभालते ही वो मौजूदा पद को छोड़ देंगे। बता दें कि, 1 जनवरी 1973 को इस महान क्रिकेटर का जन्म मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था। इसके बाद उनका परिवार बेंगलुरु शिफ्ट हो गया था।
बीसीसीआई द्वारा राहुल द्रविड़ को कोच के तौर पर नियुक्त करने के लिए भारी भरकम अनुबंध की पेशकश की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें 10 करोड़ रुपये सालाना वेतन के रूप में दिए जाएंगे। ये राशि मिलने के साथ ही वो सबसे अधिक भुगतान पाने वाला भारतीय कोच बन जाएंगे। द्रविड़ के सहयोगी पारस म्हाम्ब्रे गेंदबाजी कोच के रूप में शामिल होंगे, जबकि विक्रम राठौर बल्लेबाजी कोच होंगे। पारस ने अंडर-19 स्तर पर द्रविड़ के साथ काम किया है और श्रीलंका दौरे पर भी साथ गए थे। वो भारत अंडर -19 क्रिकेट टीम के मुख्य कोच थे, जिसने 2020 विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई।
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द्रविड़ के कार्यकाल में 4 ICC इवेंट केलेगी टीम इंडिया
मौजूदा समय में रवि शास्त्री भारतीय टीम के मुख्य कोच के पद पर तैनात हैं। इनकी जगह अब राहुल द्रविड़ इस पदभार को संभालेंगे। जबकि पारस भरत, अरुण की जगह लेंगे। फिलहाल, फील्डिंग कोच आर श्रीधर के पद को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। संभावना है कि, द्रविड़ के नेतृत्व में टीम इंडिया 4 ICC इवेंट खेलेगी। अगले साल टी-20 वर्ल्ड कप और 2023 में 50 ओवर का वर्ल्ड कप है। इसके अलावा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल भी 2023 में होगा। बीसीसीआई के सूत्रों की मानें, तो उन्हें उम्मीद है कि, द्रविड अपनी कोचिंग के जरिए आईसीसी इवेंट जीतने का सूखा खत्म करने में सक्षम हैं।
तीसरी बार टीम इंडिया से जुड़े
मुख्य कोच का पदभार संभालने के लिए स्वीकृति देने के बाद ये तीसरी बार होगा, जब द्रविड़ टीम इंडिया के साथ जुड़कर काम करेंगे। उनका पहला कार्यकाल 2014 में पहली बार आया, जब उन्होंने टेस्ट सीरीज के लिए बल्लेबाजी सलाहकार के रूप में इंग्लैंड की यात्रा की थी। जुलाई 2021 में द्रविड़ अंतरिम मुख्य कोच के रूप में लौटे, क्योंकि शास्त्री के नेतृत्व वाला कोचिंग स्टाफ इंग्लैंड में था।
द्रविड़ का क्रिकेट करियर
राहुल द्रविड़ की बात हो और उनके क्रिकेट करियर का जिक्र न किया जाए, ये संभव नहीं। उन्होंने अपने क्रिकेट करियर में 164 टेस्ट की 286 पारियों में 36 शतकों और 63 अर्धशतकों की मदद से 13288 रन बनाए हैं, जबकि 270 उनका हाई स्कोर है। फैंस के बीच 'द वॉल' नाम से मशहूर द्रविड़ ने भारत के लिए 344 वनडे खेले। इस दौरान उनके नाम 12 शतक और 83 अर्धशतक के दम पर 10889 रन दर्ज हैं।
मध्य प्रदेश से जुड़ी कुछ खास बातें
राहुल द्रविड़ का जन्म 1 जनवरी 1973 को क्रिकेट के 'मिस्टर डिपेंडेबल' का जन्म मध्य प्रदेश की आर्थिक नगरी इंदौर 'काले' परिवार में हुआ था। यही वो जगह थी, जहां से द्रविड़ के कैरियर को एक दिशा मिली थी। सूत्रों का कहना है कि, बचपन से ही द्रविड़ को क्रिकेट से इतना लगाव था कि, जब भी उन्हें समय मिलता, वो अपने दोस्तों के साथ घर के गैराज में या फिर खाली प्लॉट पर घंटों क्रिकेट खेलते दिखाई देते थे। हालांकि, कुछ साल बाद ही द्रविड़ और उनका परिवार कर्नाटक के बंगलुरू में शिफ्ट हो गया था।
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