MP News: इंदौर के भागीरथपुरा मामले ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति उजागर कर दी है। जहां एक खेमा पूरी ताकत से सड़क पर है, वहीं कई बड़े चेहरे चुप्पी साधे हुए हैं।
Rahul Gandhi bhagirathpura visit: इंदौर के भागीरथपुरा मामले में कांग्रेस के भीतर सक्रियता और निष्क्रियता की साफ तस्वीर सामने आ रही है। पार्टी के छोटे से बड़े नेता इस मुद्दे पर मुखर है, लेकिन एक धड़ा पूरी तरह गायब दिख रहा है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार तक दौरा कर चुके हैं। सिंघार ने तो दो दिन तक शहर में डेरा जमाए रखा, जिससे साफ है कि पार्टी का एक खेमा इस मुद्दे को पूरी ताकत से भुनाने में जुटा है। (mp news)
भागीरथपुरा मुद्दे पर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, शोभा ओझा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, दीपू यादव, अरविंद बागड़ी, विनय बाकलीवाल, अमन बजाज जैसे नेता लगातार सक्रिय हैं। पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष, सुरजीत सिंह चड्ढा, अश्विन जोशी, फौजिया शेख अलीम और रघु परमार जैसे नाम कहीं दिखाई नहीं दे रहे। पार्टी के भीतर इसे अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा माना जा रहा है।
प्रदेश के कुछ बड़े नेताओं की दूरी भी चर्चा में है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेता भी अब तक भागीरथपुरा नहीं पहुंचे हैं। इससे कांग्रेस की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं, खासकर तब जब पार्टी मुद्दे को सरकार के खिलाफ बड़े हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।
भागीरथपुरा मामले में युवक कांग्रेस अब 9 जनवरी से 15 जनवरी तक सांकेतिक सत्याग्रह करने जा रही है। युवक कांग्रेस के शहर अध्यक्ष अमित पटेल ने बताया, भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के विरोध में पलासिया चौराहे पर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे त्तक शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया जाएगा। इसमें मप्र युवा कांग्रेस के प्रभारी शिवि सिंह चौहान और प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष यश घनघोरिया भी मौजूद रहेंगे।
भागीरथपुरा मामले पर राहुल गांधी पहले ही आवाज उठा चुके हैं। अब उनके इंदौर आने की अटकलें तेज हो गई हैं। प्रदेश कांग्रेस की मंशा है कि राहुल गांधी इंदौर आकर इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएं। सूत्रों के अनुसार, जीतू पटवारी और सज्जन सिंह वर्मा राहुल गांधी को इंदौर लाने के लिए दिल्ली गए थे, हालांकि इस पर कांग्रेसी नेता खुलकर बोलने से बच रहे हैं। (mp news)