
Indore news: बारिश का मौसम राहत के साथ बीमारियां भी लेकर आया है। एमपी के इंदौर शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में इन दिनों सर्दी-खांसी, वायरल फीवर, गले में संक्रमण और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और एलर्जी से पीड़ित लोगों की परेशानी बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव, हवा में बढ़ी नमी और फफूंद (मोल्ड) के कारण रेस्पिरेटरी संक्रमण तेजी से फैल रहे हैं।
सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस की बीमारी से जूझ रहे मरीजों पर देखने को मिल रहा है। डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव के अनुसार बरसात के मौसम में वातावरण में नमी बढऩे से धूल, फंगस और एलर्जी पैदा करने वाले कण अधिक सक्रिय हो जाते हैं। इनके संपर्क में आने से सांस की नलियों में सूजन आ जाती है, जिससे मरीजों को सांस लेने में तकलीफ, सीने में जकडऩ और बार-बार खांसी की शिकायत होने लगती है। वहीं मौसम बदलने के कारण वायरल संक्रमण भी तेजी से फैल रहा है। इसके चलते सर्दीजु काम, गले में खराश, बुखार और लगातार खांसी के मरीज रोजाना अस्पताल पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार बरसात के मौसम में कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग इस मौसम में सबसे जल्दी संक्रमण की चपेट में आते हैं। यदि सांस फूलना, तेज खांसी, लगातार बुखार या सीने में जकडऩ जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।