
Indore News :मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के अंतर्गत आने वाले सांवेर रोड पर जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे अति ज्वलनशील सॉल्वेंट के अवैध भंडारण पकड़ाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में जिला प्रशासन की टीम ने दो फर्मों से संबंधित परिसर में कार्रवाई करते हुए 34,767 लीटर अति ज्वलनशील सॉल्वेंट जब्त किया है।
जांच के दौरान ये स्टॉक अधिकृत भंडारण स्थल से अलग स्थान पर रखा मिला है। प्रशासन के अनुसार, संबंधित फर्मों के पास इतनी बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ के भंडारण, विक्रय और उपयोग के लिए जरूरी वैध लाइसेंस और अनुमति भी नहीं पाई गई है।
जिला आपूर्ति नियंत्रक एमएल मारु ने बताया कि, कार्रवाई सनी पेंट एंड तार एवं एमपीडी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित परिसर में की गई है। जांच के दौरान यहां भारी मात्रा में सॉल्वेंट का भंडारण मिला। टीम ने मौके से 32,744 लीटर सॉल्वेंट एमटीओ और 2,023 लीटर सॉल्वेंट जाइलीन बरामद किया है। दोनों को मिलाकर कुल 34,767 लीटर अतिज्वलनशील पदार्थ जब्त किया गया है।
प्रशासन की छापामार टीम के मुताबिक, सॉल्वेंट का भंडारण अधिकृत भंडारण स्थल के बजाय अन्य परिसर में किया जा रहा था। बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ इस तरह से रखे जाने से आग लगने अथवा विस्फोट की स्थिति में आसपास के क्षेत्र में गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। इसी को देखते हुए प्रशासन ने इसे जनसुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए तत्काल कार्रवाई की गई है।
जांच में सॉल्वेंट के बिना वैध लाइसेंस एवं अनुमति के भंडारण, विक्रय और उपयोग किए जाने की बात सामने आने के बाद प्रशासन ने समस्त ज्वलनशील पदार्थ जब्त कर लिया। कार्रवाई आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत की गई है। प्रशासन ने जब्त सामग्री को अपने कब्जे में लेते हुए संबंधित रिकॉर्ड और अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच शुरू की है।
मामले में दोनों फर्मों के साथ उनके प्रोपराइटर/पार्टनर्स के विरुद्ध भी प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। प्रशासन के अनुसार, मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई जारी है। जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में सॉल्वेंट कहां से लाया गया और इसका उपयोग अथवा विक्रय किस उद्देश्य से किया जाना था।
प्रशासन का कहना है कि अतिज्वलनशील सॉल्वेंट का बिना अनुमति और असुरक्षित तरीके से बड़े स्तर पर भंडारण आग और विस्फोट की दृष्टि से गंभीर जोखिम पैदा कर सकता था। औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में ऐसे पदार्थों के भंडारण के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों और अधिकृत स्थानों का पालन जरूरी है। प्रशासन की कार्रवाई से संभावित दुर्घटना का खतरा टला है। कलेक्टर के निर्देशन में आगे भी ऐसे मामलों में जांच और कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।