Honor Killing : एक युगल को शादी के बाद जान बचाने के लिए हाईकोर्ट की शरण में आना पड़ा। हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक रुसिया की खंडपीठ ने इंदौर पुलिस कमिश्नर को आदेश दिए हैं कि पति-पत्नी को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराएं।
Honor Killing Threat : इंदौर में एक युगल को शादी के बाद जान बचाने के लिए हाईकोर्ट की शरण में आना पड़ा। हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक रुसिया की खंडपीठ ने इंदौर पुलिस कमिश्नर को आदेश दिए हैं कि पति-पत्नी को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराएं। राजबाड़ा क्षेत्र में रहने वाली युवती ने प्रेमी से 24 जनवरी को शादी की, पिता-भाई नाखुश थे। इसके बाद पति-पत्नी को जान से मारने की धमकियां(Honor Killing Threat) मिलने लगी।
दंपती(Honor Killing Threat) को डर है कि शादी से नाराजगी के चलते उनके साथ घटना हो सकती है। दोनों ने हाईकोर्ट(High Court) में सरकार, एमजी रोड पुलिस समेत युवती ने पिता और भाई को पार्टी बना याचिका दायर की। गुरुवार को याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के वकील ने धमकियां मिलने और परिवार के द्वारा हानि पहुंचाने की आशंका जाहिर की।
याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश को दोहराते हुए साफ किया कि, समाज ये तय नहीं कर सकता है कि व्यक्ति जीवन कैसे जिएं। भले ही दो वयस्क के बीच संबंध को असामाजिक कहा जा सकता है, पर व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा कानून के अनुसार ही होनी चाहिए। कोर्ट ने दोनों किसी भय की स्थिति में पुलिस कमिश्नर के सामने आयु प्रमाण पत्र और विवाह के दस्तावेज देकर बयान दर्ज करने को कहा।