
Indore news:एमपी के इंदौर शहर में एनएचएआई द्वारा बनाए जा रहे इंदौर-हरदा हाईवे का काम अंतिम दौर में है। एमआर 10 जंक्शन के आगे एक टोल बनाया जा रहा है। नया हाईवे शुरू होने के बाद कम दूरी पर ही दो बार वाहन चालकों को टोल देने की स्थिति बनेगी। पहला मांगलिया और दूसरा हरदा हाईवे के गोगाखेड़ी पर होगा। दोनों की दूरी 25 किमी. है, जबकि दो टोल में दूरी में 60 किमी. का नियम है।
एनएचएआइ एमआर 10 जंक्शन के आगे से ग्रीन फील्ड हाईवे का निर्माण कर रहा है। यह हाइवे हरदा होते हुए नागपुर से इंदौर को जोड़ेगा। बायपास से होते हुए इस हाइवे से वाहन आना-जाना करेंगे, लेकिन जो वाहन देवास से होते हुए इस हाईवे पर आएगा या फिर इस हाईवे से देवास की ओर जाएगा तो बीच मांगलिया टोल आएगा। ऐसे में हरदा टोल के साथ मांगलिया पर भी पैसा देना होगा, जबकि दोनों के बीच की दूरी 25 किमी. है।
देशभर में हाईवे पर बने टोल प्लाजा के नियम तय हैं। दो टोल के बीच की दूरी 60 किमी होनी चाहिए, लेकिन यहां नियम टूटते दिखाई दे रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोनों हाईवे अलग-अलग हैं, इसलिए दोनों पर टोल देना पड़ेगा।
एक टोल इंदौर-मुंबई हाईवे तो दूसरा इंदौर-हरदा पर है। दोनों हाईवे अलग-अलग हैं, इसलिए दोनों पर शुल्क लिया जाएगा। - प्रवीण यादव, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआइ
बता दें कि इंदौर-हरदा-बैतूल (एनएच -47) फोरलेन प्रोजेक्ट का काम चल रहा है। इस हाईवे पर ग्राउंड रिपोर्टिंग की तो कई हिस्सों में सड़क पूरी तरह तैयार मिली और वाहनों का आवागमन जारी था। हालांकि कुछ स्थानों पर फ्लाईओवर, अंडरपास और कनेक्टिविटी रोड का काम अभी बाकी है, जिसके कारण वाहन चालकों को डायवर्शन का सहारा लेना पड़ रहा है। सड़क का हिस्से पर भी काम चल रहा है। बाईपास से इस रूट पर प्रवेश करते ही सौ मीटर के करीब का कच्चा रास्ता मिला।
यहां बाईपास के नीचे एक अंडरपास बनाया जा रहा है, जिसके जरिए वाहन दूसरी ओर एनएच-47 पर पहुंच सकेंगे। फिलहाल यह अंडरपास अधूरा है। इसके बाद कुछ दूरी पर सड़क पूरी तरह पक्की और तैयार दिखाई दी। इस हिस्से में फिनिशिंग का काम चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद वाहनों की आवाजाही लगातार जारी है। रोड मार्किंग भी पूरी हो गई।