
इंदौर. केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से जनता को राहत देने के लिए दूरदर्शी योजना पर काम कर रही है। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को ब्रिलियंट कन्वेशन सेंटर में कहा, सही समय पर इसकी घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय दाम पिछले दिनों तेजी से बढऩे का असर देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर देखा गया है। केंद्र सरकार इसके लिए चिंतित है और राज्य सरकार के साथ मिलकर दूरदर्शी योजना बना रही है। ताकि इनकी कीमतों में कमी लाने के साथ ही आगे भी नियंत्रण में रखा जा सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, उम्मीद है कि जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में पेट्रोलियम पदार्थों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाए जाने पर चर्चा होगी। खुद पेट्रोलियम मंत्री ने भी ऐसी मंशा जाहिर की है। गोयल ने कहा, केंद्र सरकार पेट्रोलियम पदार्थों पर कर वसूली से आय के एक-एक पैसे का इस्तेमाल जनहितैषी योजनाओं और अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए कर रही है। हमारी सरकार ने महंगाई को काबू में रखा है, जबकि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के राज में महंगाई की दर दहाई अंकों में हुआ करती थी।
उपचुनाव हारे तो क्या 14 राज्यों में जीते
उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा उपचुनाव में भाजपा की हार पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, उपचुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। हालांकि, यह सच है कि कुछ उपचुनावों में हमें सफलता नहीं मिली है। लेकिन, विपक्षी दल यह न भूलें कि भाजपा और हमारे सहयोगी दलों ने देश के 14 राज्यों में उन्हें हराकर अपनी सरकारें बनाई हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि मतदाता आगामी विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनाव में भाजपा को ही चुनेंगे।
रेलवे को सुरक्षित बनाना प्राथमिकता
बतौर रेल मंत्री गोयल ने कहा, देशभर में पुरानी रेल पटरियों को बदला जा रहा है। इस कारण कुछ ट्रेन विलंब से चल सकती हैं, लेकिन रेल यात्रा को सुरक्षित बनाना हमारी प्राथमिकता है। वैसे भी समय पर यात्रा को लेकर पश्चिम रेलवे की रिपोर्ट अच्छी है।
यूपीए के 48 साल बनाम मोदी के 48 माह
मोदी सरकार की चार साल की अलग-अलग उपलब्धियां गिनाते हुए गोयल ने कहा, हमारी भ्रष्टाचारमुक्त सरकार ने पिछले 48 महीने में देश के बुनियादी ढांचे और अर्थव्यवस्था को मजबूत किया, जो एक परिवार द्वारा चलाई जा रही सरकार 48 साल में नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि भारी-भरकम एनपीए की मार झेल रहे सरकारी बैंकों की स्थिति मजबूत करने के लिए हमने कदम उठाए हैं।