इंदौर

अंतिम संस्कार के समय कपड़ा हटा तो चीख पड़ें माता-पिता, बड़े-बड़े डॉक्टरों ने बोला बड़ा झूठ

Indore MY Hospital: इंदौर एमवायएच अस्पताल के पीडियाट्रिक विभाग के एनआइसीयू में भर्ती तीन दिन की नवजात को चूहे ने काटा था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। एमवायएच प्रबंधन की एक और असंवेदनशीलता शनिवार शाम इंदौर से 150 किलोमीटर दूर धार जिले के ग्राम रूपापाटा में नजर आई। चूहे के काटने व फिर उसकी मौत के बाद जिस तीन दिन की नवजात बालिका को लावारिस बताकर प्रबंधन अंतिम संस्कार करवाने की तैयारी में था, उसके शव ने अपने साथ हुई क्रूरता उजागर कर दी।

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Sep 07, 2025
Indore MY Hospital newborn baby girl death (फोटो सोर्स : पत्रिका)

Indore MY Hospital: इंदौर एमवायएच अस्पताल के पीडियाट्रिक विभाग के एनआइसीयू में भर्ती तीन दिन की नवजात को चूहे ने काटा था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। प्रबंधन ने उसे लावारिस घोषित कर अंतिम संस्कार की तैयारी की थी। शनिवार सुबह उसके माता-पिता पहुंचे। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को लापरवाही के लिए जिम्मेदार बताया। इसके बाद जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने पूरे दिन धरना-प्रदर्शन किया। इसमें कांग्रेस के पदाधिकारी भी शामिल हुए। शाम को प्रशासन ने पीड़ित परिवार के लिए 5 लाख की सहायता राशि जारी की। एफआइआर के लिए भी पत्र लिखा। बच्ची के परिजन के मिलने व शनिवार को एमवायएच पहुंचने की जानकारी पत्रिका ने प्रकाशित की थी। इसके बाद नवजात का लावारिस के रूप में होने वाला अंतिम संस्कार रुकवाया गया। शाम 6 बजे परिजन शव लेकर गए।

जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा के साथ 100 से अधिक कार्यकर्ता एमवायएच पहुंचे। जब वे परिजन को लेकर इंदौर लेकर आ रहे थे तो रास्ते में कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने माता-पिता को अपने साथ ले जाने की बात कही। जयस ने मना किया। दोपहर लगभग 12 बजे पिता देवाराम, मां मंजू व अन्य परिजन एमवायएच पहुंचे। जयस ने धरना-प्रदर्शन जारी रखा। शाम पांच बजे तक न्याय न मिलने पर पूरे प्रदेश में आंदोलन की चेतावनी दी गई थी।

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यह है मामला

एमवायएच(Indore MY Hospital) के पीडियाट्रिक विभाग के एनआइसीयू में 31 अगस्त की रात धार जिले की गढ़ा की बेबी ऑफ मंजू और 1 सितंबर को देवास जिले से भर्ती बेबी ऑफ रेहाना को चूहे ने काट लिया। 2 सितंबर को बेबी ऑफ मंजू और 3 सितंबर को बेबी ऑफ रेहाना की मौत हुई। प्रबंधन ने चूहे के काटने से मौत नहीं होने की सफाई दी। अधिकारियों को निलंबित कर एजाइल कंपनी पर एक लाख का जुर्माना लगाया गया।

पिता बोले- मुझे अंदर नहीं आने दिया

नवजात के पिता ने बताया कि सारे कागज लेकर बच्ची को भर्ती कर लिया। एक बार देखने भी नहीं दिया। बाद में कहा गया कि आप जाओ, जरूरत पर फोन लगाकर बुला लेंगे। पत्नी मंजू तब धार के अस्पताल में भर्ती थी। जिस एंबुलेंस से आए थे, उस एंबुलेंस वाले ने वापस जाने के लिए 200 रुपए मांगे। मैंने रुपए दिए और धार आ गया। अगले दिन फिर लौटा, लेकिन कागज नहीं होने से सुरक्षाकर्मियों ने अंदर नहीं जाने दिया। इसके बाद मैं चला गया। हमें न तो कोई फोन आया और न ही यह पता था कि बच्ची को चूहे ने काटा और उसकी मौत हो गई।

परिजन ने अंतिम संस्कार से पहले देखा तो फटा कलेजा

यह तस्वीर दिल दहला देने के लिए काफी है। डॉक्टरों का झूठ उजागर करने के लिए पत्रिका यह तस्वीर प्रकाशित कर रहा है। (फोटो सोर्स : पत्रिका)

एमवायएच प्रबंधन की एक और असंवेदनशीलता शनिवार शाम इंदौर से 150 किलोमीटर दूर धार जिले के ग्राम रूपापाटा में नजर आई। चूहे के काटने व फिर उसकी मौत के बाद जिस तीन दिन की नवजात बालिका को लावारिस बताकर प्रबंधन अंतिम संस्कार करवाने की तैयारी में था, उसके शव ने अपने साथ हुई क्रूरता उजागर कर दी। घर जाकर परिजन ने जब अंतिम संस्कार के लिए शव पर लिपटा कपड़ा हटाया तो चीख निकल गई। नवजात की तीन अंगुलियां पूरी तरह तो एक अंगुली आधी चूहों ने खाई थी।

इससे पहले एमवायएच(Indore MY Hospital) अधीक्षक डॉ. अशोक यादव अपने बयान में यही झूठ बोलते आए हैं कि चूहे ने एक अंगुली में सिर्फ दांत गढ़ाए थे। इस मामले में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त तरुण राठी सहित कलेक्टर आशीष सिंह को भी गलत सूचना दी गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित सभी जनप्रतिनिधियों को यही झूठ बोला गया। पीडियाट्रिक यूनिट प्रभारी डॉ. ब्रजेश लाहोटी पिछले चार दिन से यही कह रहे हैं कि चूहे के काटने से किसी की मौत नहीं होती, जबकि फोटो से साफ पता चलता है कि गंभीर स्थिति में भर्ती नवजात की अंगुली को किस वीभत्स तरीके से चूहों ने खाया है। तीन दिन की मासूम इस वेदना से रो भी नहीं पाई होगी। ऐसे में उसकी जान बीमारी से ही गई, यह प्रबंधन कैसे कह सकता है?

मामला रफा-दफा करने में जुटे रहे

एमवायएच प्रबंधन व प्रशासन ने शुरू में जयस के आंदोलन को सामान्य समझकर मामला रफा-दफा करने का प्रयास किया, लेकिन जयस के सदस्य मांग पर कायम रहे। पहले एमजीएम मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया व अधीक्षक डॉ. अशोक यादव पहुंचे। उन्होंने परिजन को बताया कि चूहा काटने की घटना के बाद चार लोगों को निलंबित किया है। डॉ. ब्रजेश लाहोटी ने बच्ची के अधिक गंभीर होने से दुनिया के किसी भी अस्पताल में जान नहीं बचने की बात कही। इस पर जयस के सदस्यों ने कहा कि स्थिति गंभीर थी तो क्या चूहे को खिला दोगे। चूहे ने काटा है, यह सिद्ध हो रहा है। इसके बाद एडीएम रोशन राय ने परिवार से चर्चा की व प्रशासन से मदद का भरोसा दिलाया। शाम को पीड़ित परिवार को पांच लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग स्वीकार की। दोषियों (MY Hospital rat case) पर एफआइआर का पत्र लिखा गया।

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Published on:
07 Sept 2025 01:10 pm
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