उद्योग जगत

Vodafone Idea में इस कंपनी के साथ मिलकर बड़ा निवेश कर सकती है Amazon

अमेजन और वेरीजॉन मिलकर Vodafone Idea में करीब 30 हजार करोड़ रुपए का कर सकती हैं निवेश Supreme Court में एजीआर को लेकर चल रही सुनवाई के बाद वैश्विक निवेशकों की तलाश में जुटी वोडोफोन आइडिया
2 min read
• •
Updated: 4 Sep 2020, 10:18 AM IST
Amazon can make big investment in Vodafone Idea with this company
Amazon can make big investment in Vodafone Idea with this company

नई दिल्ली। एजीआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब वोडाफोन आइडिया ( vodafone idea ) वैश्विक निवेशकों की खोज में जुट गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आने वाले दिनों में दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी अजेजन ( Amazon ) और अमरीकी वायरलेस कंपनी वेरीजॉन वोडाफोन आइडिया में 30 हजार करोड़ रुपए का निवेश कर सकती है। अगर कंपनी को यह निवेश मिनला है तो वोडाफोन आइडिया को एक नई संजीवनी मिल जाएगी। मौजूदा समय में टेलीकॉम कंपनी बड़ी मुश्किलों का सामना कर रही है। एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज और 50 हजार करोड़ रुपए का एजीआर संबंधी बकाया कंपनी को काफी डुबा चुका है।

अमेजन की नजरें इंडियन कंपनियों पर
जब से रिलायंस जियो में फेसबुक, इंटेल, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल आदि का निवेश आया है। तब से अमेजन की भी नजरें भारतीय कंपनियों पर निवेश को लेकर है,? ऐसे में वो भारतीय टेलीकॉम में निवेश का रास्ता खोजने में जुटी हुई है। वास्तव में फेसबुक और माइक्रोसॉफ्ट दोनों जियो के करीब 39 करोड़ कस्टमर का यूज अपना बिजनेस बढ़ाने में करेगी, वहीं जियोमार्ट फेसबुक का इस्तेमाल रीटेल बिजनस को बढ़ाने के लिए करेगी।

सुप्रीम कोर्ट में चल रही थी सुनवाई
इंडियन रीटेल मार्केट में अपनी पकड़ को मजबूत करने के लिए अमेज जैसी कंपनियां देश की टेलीकॉम कंपनियों में निवेश करने के लिए लगातार संपर्क कर रही थी, लेकिन एजीआर का मामला ज्यादा ही तुल पकड़े जाने की वजह से बातचीत में विराम लग गया का। अब सुप्रीम कोर्टने एजीआर का बकाया चुकाने के लिए सभी टेलीकॉम कंपनियों को 10 साल की मोहलत दी है। जिसके बाद से फिर से बातचवीत का सिलसिला शुरू हो गया है।

वोडाफोन आइडिया पर कुल कितना कर्ज
वहीं दूसरी ओर वोडाफोन आइडिया को भी एक बड़े निवेश की जरुरत है। इसका कारण है कि इंडियन मार्केट में प्राइस वॉर के कारण अपने टैरिफ को बढ़ाना उसके लिए मुमकिन नहीं है। वहीं कम कीमतों में सर्वाइव करना मुश्किल हो रहा है। वहीं कुल एक लाख करोड़ से ज्यादा कर्ज और 50 हजार करोड़ रुपए का एजीआर संबंध बकाए का बोझ कंपनी को और ज्यादा डुबा रहा है। ऐसे में कंपनी भी वैश्विक निवेशकों की खोज में है। ताकि ज्यादा से ज्यादा फंड एकत्र कर अपने इस बोझ को कम कर सके। एक बार फिर से अपने पांव पर खड़ा हो सके।

Updated on:
4 Sep 2020, 10:18 AM IST
Published on: