UPMRC की ओर से Kanpur और Agra Metro Train के प्रोजेक्ट्स से चीनी कंपनियों को हटाया दोनों शहरों में Metro Train की सप्लाई, टेस्टिंग और कमिशनिंग, आदि का काम बॉम्बार्डियर ट्रांसपोर्ट इंडिया को मिला
नई दिल्ली। भारत सरकार ( Government of India ) को देखकर अब प्रदेश सरकारों की ओर से भी चीनी कंपनियों का बहिष्कार ( Chinese Companies Boycott ) शुरू हो गया है। हरियाणा ( Haryana ), महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश ( Uttar Pradesh ) का नाम भी इस फेहरिस्त में जुड़ गया है। यूपीएमआरसी ( UPMRC ) की ओर ने कानपुर और आगरा में चल रहे मैट्रो प्रोजेक्ट्स ( Metro Projects ) ने चीनी कंपनियों को हटाकर बांम्बार्डियर ट्रांसपोर्ट इंडिया ( Bombardier Transport India ) को दे दिया है। कानपुर और आगरा के लिए मेट्रो ट्रेनों (रोलिंग स्टॉक्स) की सप्लाई, टेस्टिंग और कमिशनिंग, कंट्रोल तथा सिग्नलिंग का काम चल रहा है। इस काम के लिए यूपीएमआरसी की ओर से 18 फरवरी, 2020 को टेंडर निकाले थे, जिसमें चार कंपनियों में चीनी कंपनियां भी शामिल थी।
चीनी कंपनी को किया गया डिस्क्वालिफाई
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एमएनआरसी ने शुक्रवार को बांबार्डियार ट्रांसपोर्ट इंडयिा को ये दोनों प्रोजेक्ट्स देने का फैसला कर लिया है। मेट्रो ट्रेनों की सप्लाई कंपनी के गुजरात स्थित प्लांट से की जाएगी। प्रत्येक ट्रेन में 3 कोच होंगे। इनमें से 39 ट्रेनें कानपुर और 28 ट्रेनें आगरा के लिए लाई जाएंगी। आपको बता दें कि इस प्रोजेक्ट के लिए चार इंटरनेशनल कंपनियों की ओर से बोली लगाई थी। जिसमें एक चीनी कंपनी भी शामिल थी. टेक्नीकल इवेल्यूशन के कारण चीनी कंपनी को कांप्टीशन से बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
कानपुर मेट्रो का शुरू हुआ काम
कानपुर मेट्रो का काम शुरू हो गया है। यूपीएमआरसी ने लखनऊ मेट्रो फेज -1 ए प्रोजेक्ट को केवल 64 हफ्ते के रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया था। कानपुर और आगरा में पहली मेट्रो ट्रेन के लिए 65 सप्ताह की टाइम लिमिट दी गई है। यूपीएमआरसी के मैनेजिंग डायरेक्टर केशव कुमार के अनुसार कानपुर और आगरा दोनों ही जगहों पर दो स्टेशनों के बीच की दूरी करीब एक किलोमीटर रहेगी। जिनकी स्पीड को 80 किमी./घंटा रखा जाएगा।