मल्टीप्लेक्सेज (Multiplexes E-ticket) में अब से सिर्फ ई-टिकट ही मान्य होंगें केंद्र सरकार ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी है सरकार ने कहा जीएसटी की चोरी ( GST Fraud ) को रोकने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है
नई दिल्ली।केंद्र सरकार ( Central Govt) ने शुक्रवार को जीएसटी ( GST ) की चोरी को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने जानकारी देते हुए बताया कि अब से मल्टीप्लेक्सेज ( Multiplexes ) में मूवी देखने वालों के लिए सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक टिकट ही मान्य होगा। सरकार ने कहा कि अब से हम इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग प्रणाली को ही अपनाएंगे। सरकार के इस कदम से जीएसटी की चोरी को रोकने में सहायता मिलेगी।
जीएसटी चोरी पर लगेगी लगाम
सरकार के इस कदम पर सीनियर अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा कि रजिस्टर्ड मल्टीप्लेक्सेज को अब से इलेक्ट्रॉनिक टैक्स इनवॉयस जारी करना होगा। इस इनवॉयस में जितने भी टिकट बेचे जाएंगे उन सभी की जानकारी होगी। इसके अलावा जितने भी इलेक्ट्रॉनिक टिकट की बिक्री होगी उन सभी को टैक्स इनवॉयस माना जाएगा। सरकार के इस कदम से मल्टीप्लेक्सेज में हो रही जीएसटी की धांधली को रोका जा सकेगा।
आपको बता दें कि पीवीआर की अगुवाई वाले मल्टीप्लेक्स में पहले से ही इस सिस्टम को फॉलो किया जा रहा है, जिसके कारण वहां पर किसी भी तरह की टैक्स चोरी नहीं हो रही है। इसी को देखते हुए सरकार ने ये कदम उठाया है। वहीं, टैक्स कल्सटैंट्स ने जानकारी देते हुए कहा कि आने वाले समय में सभी जगह पर ई-टिकट सिस्टम लागू कर दिया जाएगा चाहे वह पीवीआर सिनेमा हो या फिर सिंगल स्क्रीन थियेटर। सभी जगहों पर इसी सिस्टम से ग्राहकों को टिकट दिए जाएंगे।
डेलॉयट इंडिया पार्टनर ने दी जानाकरी
डेलॉयट इंडिया पार्टनर एमएस मणि ने कहा मल्टीप्लेक्सेज में हुए इस बदलाव से सभी लोगों को फायदा होगा। ग्राहकों को भी किसी भी टिकट के लिए एक्सट्रा पैसा नहीं देना होगा। ई-इनवॉयसिंग सिस्टम से संभावित रूप से बिजनेस टू कंज्यूमर ट्रांजेक्शंस के लिए अनिवार्य ई-इनवॉयसिंग प्रणाली की शुरुआत है। सरकार के इस कदम से कलर्ड टिकट भी इतिहास बन जाएंगे।
टैक्स चोरी से काले धन को मिलता था बढ़ावा
टैक्स एक्सपर्ट्स का इस सिस्टम पर मानना है कि बिजनेस टू कंज्यूमर ट्रांजेक्शंस एक लीकेज पॉइंट है क्योंकि इस सिस्टम में सबी लोग कैश में पेमेंट करते थे, जिसके कारण टैक्स चोरी होने की ज्यादा संभावनाएं होती थीं। इस सिस्ट में ट्रांजेक्शंस पूरी तरह किया भी नहीं जाता था, जिसके कारण टैक्स की चोरी होती थी और देश में काले धन को भी बढ़ावा मिलता था।
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