उद्योग जगत

ऑटोमोबाइल संकट पर वित्तमंत्री के बयान पर युवाओं ने कसे तंज, सोशल मीडिया पर खोला मोर्चा

जोमाटो और उबर ईट्स जैसे उदाहरणों को लेकर कसा जा रहा तंज ऑटो इंडस्ट्री के बुरे हालात को लेकर उबर और ओला को ठहराया था जिम्मेदार

2 min read
Sep 12, 2019

नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में ऑटोमोबाइल उद्योग पर पड़े प्रतिकूल प्रभाव के लिए युवाओं को जिम्मेदार ठहराया था। इसके बाद अब ट्विटर पर हजारों ऐसे ट्वीट किए जा रहे हैं, जिनमें उन पर तंज कसा जा रहा है। सीतारमण ने कहा था, "ऑटोमोबाइल और कल-पुर्जो से संबंधित उद्योग बीएस-6 और युवाओं की मानसिकता के कारण प्रभावित हुआ है। क्योंकि युवा अब अपना खुद का वाहन खरीदने के बजाय ओला और उबर की सेवाएं लेना पसंद करते हैं।"

युवाओं ने ट्विटर पर खोला मोर्चा
इसके बाद ट्विटर उपयोग करने वाले हजारों लोगों ने कई तरह के हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए सीतारमण पर तीखे तंज कसे। एक यूजर ने कहा, "भारतीय अब घर पर खाना नहीं बना रहे हैं, क्योंकि हर कोई जोमाटो और उबर इट्स से ऑर्डर कर रहा है।" एक अन्य व्यक्ति ने ट्वीट किया, "एयरलाइन क्षेत्र नीचे जा रहा है, क्योंकि युवा केवल सड़क यात्रा में रुचि रख रहे हैं।" एक अन्य ट्वीट में लिखा गया, "सल्लू भाई की फिल्म कम चल रही है, क्योंकि युवा टिक-टॉक का उपयोग कर रहे हैं।"

कुछ ऐसा दिया था निर्मला सीतारमण ने बयान
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर पर पत्रकारों से बात करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा था कि ऑटो सेक्टर गंभीर समस्या से गुजर रहा है। इसका हल निकालना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने ऑटो सेक्टर में गिरावट के लिए लोगों के माइंडसेट में बदलाव, बीएस-6 मॉडल, रजिस्ट्रेशन फी से संबंधित मामलों को जिम्मेदार बताया है।

उन्होंने कहा कि हमारे सामने सिर्फ ऑटो सेक्टर नहीं है। हम सभी सेक्टर्स की परेशानियों को लेकर गंभीर हैं। अगस्त और सितंबर में बड़े ऐलान किए गए हैं। जरुरत पडऩे पर और भी राहत भरे ऐलान किए जाएंगे। अगस्त में ऑटोमोबाइल क्षेत्र की बिक्री में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई, जिसमें यात्री कारों की बिक्री में 41.09 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

Published on:
12 Sept 2019 11:06 am
Also Read
View All