
Bargi Cruise Incident theme durga pandal: मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए क्रूज हादसे को पांच महीने से भी ज्यादा का समय बीत चुका है। लेकिन इसके बाद भी हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के जख्म आज भी ताजा हैं। इसी बीच क्रूज हादसे को दुर्गा पंडालों में झांकी या पुनर्निर्माण के रूप में प्रदर्शित नहीं करने की मांग उठी है। हादसे में अपनी बहन और भांजे को खो चुकी राखी सोनी (Rakhi Soni) ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर गुहार लगाई है। कलेक्टर कार्यालय में हुई जनसुनवाई के दौरान राखी ने पत्र सौंपा।
पत्र में राखी ने लिखा कि, "मैं अपनी बहन को खो चुकी हूं। इस दुखद हादसे को मनोरंजन का विषय बनाए जाने से पीड़ित परिवारों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।" इस मामले को लेकर जब बुधवार को पत्रिका ने राखी सोनी से बात की तो वह भावुक हो गई। उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी के दौरान कुछ समितियों ने हादसे की थीम पर पंडाल में झांकी दिखाई थी और दृश्य को रीक्रिएट भी किया था। इसे देख वह बहुत दुखी और आहत हुई थी।
बरगी क्रूज हादसे में अपनी बहन नीतू सोनी और भांजे विराज को खो चुकीं राखी सोनी ने दुर्गा पंडालों और सार्वजनिक आयोजनों में हादसे की झांकी या पुनर्निर्माण पर रोक लगाने की मांग की। राखी सोनी ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि शहर के कुछ दुर्गा पंडालों अथवा सार्वजनिक आयोजनों में बरगी क्रूज दुर्घटना से संबंधित दृश्य को झांकी या प्रदर्शन के रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। राखी ने प्रसाशन ऐसे आयोजनों पर रोक लगाने की अपील की। राखी ने कहा कि जिस घटना ने उनकी बहन को परिवार से छीन लिया, उसे प्रदर्शन का विषय न बनाया जाए।
बुधवार को पत्रिका ने जब इस मामले को लेकर राखी से बातचीत की तो वह भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी के दौरान जबलपुर के एक इलाके में क्रूज हादसे की थीम पर झांकी बनाई गई थी। वहीं, कुछ समितियों ने हादसे पर आधारित का एक स्टेज प्रदर्शन भी किया था जिसमें हादसे के बाद लोगों को बाहर निकाले जाने के दौरान के दृश्यों को दोबारा दिखाने का प्रयास किया गया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था जिसे वह बेहद दुखी और आहत हो गई थीं। उन्होंने कहा कि हम इस हादसे को भूलना चाहते है लेकिन कुछ समितियों ने इस तरह हमारी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया।
राखी ने बताया कि वह भी उस क्रूज में थी। इन सभी वीडियो को देखकर मुझे वह दुखद पल दोबारा याद आ गए जिन्हें हम भूलना चाहते है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि हद तो तब हो गई जब बरेला क्षेत्र में एक समिति ने जीवित लोगों और उनके बच्चों के साथ पूल जैसा सेटअप बनाकर हादसे के दिन के वायरल हुए दृश्यों को रीक्रिएट करने की कोशिश की थी। ऐसा कर के समितियों ने हमारे मन को ठेस पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने आगे कहा कि, "मैं उन समितियों से कहना चाहती हूं कि, आप हादसे में प्रभावित लोगों की भावनाओं से मत खेलिए। अगर आपको मृतकों को श्रद्धांजलि देनी है तो, आप कुछ ऐसा करे जिससे उनकी आत्मा को शांति मिले।