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नीमच में 30 हजार वर्गफीट की फर्नीचर फैक्ट्री जलकर खाक, 6 करोड़ के नुकसान का अनुमान

Furniture Factory Fire : बुधवार की दोपहर में भड़की आग ने कुछ ही देर में पूरी फैक्ट्री को चपेट में ले लिया। 4 दमकलों के साथ CISF ने संभाला मोर्चा।
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Neemuch Factory Fire

फैक्ट्री से उठता धुएं का गुबार (फोटो सोर्स: Patrika)

Neemuch News : मध्य प्रदेश के नीमच शहर के पीजी कॉलेज के पीछे कृषि विज्ञान केंद्र के पास स्थित डीवी डिस्ट्रीब्यूशन सर्विसेज की फर्नीचर फैक्ट्री में दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी फैक्ट्री आग की चपेट में आ गई। हादसे में करीब 30 हजार वर्गफीट में फैला शेड, मशीनरी और तैयार माल जलकर खाक हो गया है।

फैक्ट्री संचालक दीपक भंडारी ने प्राथमिक तौर पर करीब 5 से 6 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया है। आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के इलाकों में भी अफरा - तफरी का माहौल बन गया।

11.30 बजे तक सब ठीक था, एक घंटे बाद आई आग की खबर

फैक्ट्री संचालक दीपक भंडारी का कहना है कि, वे दोपहर करीब 11.30 बजे फैक्ट्री से निकले थे। उस समय परिसर में सब कुछ सामान्य था। करीब एक घंटे बाद यानी 12.30 बजे उन्हें फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने तक आग तेजी से फैल चुकी थी। संचालक ने आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई है। हालांकि, प्रशासन की ओर से फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों के अनुसार, आग पूरी तरह शांत होने और जांच के बाद ही सटीक कारण सामने आ सकेगा।

2.5 करोड़ का स्टॉक, 3 करोड़ की मशीनरी तबाह

संचालक का कहना है कि, फैक्ट्री में करीब 2 से 2.5 करोड़ रुपए का स्टॉक रखा था। इसके अलावा लगभग 3 करोड़ रुपए मूल्य की मशीनरी लगी हुई थी। आग की तपिश और लपटों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि, फैक्ट्री का करीब 30 हजार वर्गफीट का शेड तक बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त हो गया है।

चार दमकलों ने संभाला मोर्चा, CISF भी पहुंची

आग की सूचना मिलते ही नगर पालिका की चार दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच गई और दमकलकर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। राहत और बचाव कार्य में CISF के जवानों के साथ प्रशासनिक अमला भी जुटा रहा। मामले में प्रशासन का कहना है कि, आग पूरी तरह शांत होने के बाद फैक्ट्री का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ही वास्तविक नुकसान और आग लगने के सटीक कारणों का अंतिम आकलन हो सकेगा।