MP News: राजधानी भोपाल से 10 माह से लापता युवती को पुलिस ने बरामद कर हाईकोर्ट में पेश किया तो गुमशुदगी की पूरी कहानी ही घूम गई। युवती ने कोर्ट में कहा, पिता पढ़ाई करने नहीं दे रहे थे।
MP News: राजधानीभोपाल से 10 माह से लापता युवती को पुलिस ने बरामद कर हाईकोर्ट में पेश किया तो गुमशुदगी की पूरी कहानी ही घूम गई। युवती ने कोर्ट में कहा, पिता पढ़ाई करने नहीं दे रहे थे। शादी का दबाव बनाने के लिए प्रताड़ित किया। तंग होकर वह घर से निकल गई और इंदौर में निजी कंपनी में नौकरी कर खर्च निकालने लगी। वहीं, सिविल सर्विस की तैयारी के लिए कोचिंग कर रही थी।
मामला भोपाल के बजरिया थाना क्षेत्र का है, जहां आईएएस बनने का सपना देखने वाली एक युवती को अपनी पढ़ाई बचाने के लिए घर से भागना पड़ा। 12वीं में 92% लाने वाली टॉपर युवती आईएएस बनना चाहती थी, लेकिन परिवार शादी कराना चाहता था। युवती को मालूम हो गया था कि घरवाले उसके सपनों के खिलाफ हैं, जिस वजह से 17 की उम्र में ही उसने जनवरी में घर छोड़कर(Girl Ran Away To Become IAS) चली गई।
घर से भागने से पहले युवती ने 4 पन्नों का नोट लिखा था। नोट का मुख्य संदेश '2030 में आईएएस बनकर घर लौटूंगी' ने घरवालों को हैरान किया। पिता ने हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई। पुलिस ने जहां-तहां हर जगह तलाशी ली। दोस्तों से नोट के बारे में पता चला. देश के प्रमुख यूपीएससी कोचिंग संस्थान में युवती की तलाशी की गई, लेकिन वह नहीं मिली। युवती इंदौर में निजी कंपनी में नौकरी कर खर्च निकालने लगी। वहीं, सिविल सर्विस की तैयारी के लिए कोचिंग कर रही थी।
युवती(Girl Ran Away To Become IAS) ने पिता के साथ नहीं भेजने की गुहार लगाई। पिता ने प्रताड़ित न करने का भरोसा दे घर भेजने का आग्रह किया। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने युवती से कहा, 4-5 दिन पिता संग रहो। माहौल बेहतर लगे तो ठीक नहीं तो प्रशासन रहने व पढ़ाई की व्यवस्था कराएगा। अब सुनवाई 12 नवंबर को होगी।