
BTech Student Suspicious Death Case: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सिंगरौली की बीटेक छात्रा की संदिग्ध मौत की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा है कि पुलिस विवेचना निष्पक्ष, वैज्ञानिक और भरोसा जगाने वाली नहीं दिखती। सिंगरौली में छात्रा की मौत के बाद उसकी बहन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है और सीबीआई अथवा स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच की मांग की है। हालांकि जस्टिस हिमांशु जोशी की सिंगल बेंच ने चार्जशीट दाखिल होने और ट्रायल शुरू हो जाने के कारण सीबीआई अथवा एसआईटी से नए सिरे से जांच कराने से इंकार कर दिया है।
हाईकोर्ट की जस्टिस हिमांशु जोशी की सिंगल बैंच ने मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि जब खिड़की की ऊंचाई लगभग छह फीट, रस्सी की लंबाई चार फीट और छात्रा की लंबाई करीब पांच फीट पांच इंच थी, तो ऐसे में फांसी लगाने की परिस्थितियों का वैज्ञानिक परीक्षण कराना आवश्यक था। कोर्ट ने कहा कि पुलिस विवेचना में इन पहलुओं की समुचित जांच नहीं की गई, जिससे मामले की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
याचिकाकर्ता दीपांजलि पनिका की ओर से बहन की मौत की जांच सीबीआई अथवा एसआईटी से कराने की मांग को अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि क्योंकि चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और ट्रायल शुरू हो चुका है इसलिए सीबीआई जांच या एसआईटी जांच की अनुमति नहीं दी जा सकती। हालांकि कोर्ट ने पीड़ित पक्ष को ट्रायल कोर्ट में आरोपों में संशोधन अथवा नई धाराएं जोड़ने के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता दी है।
सिंगरौली की रहने वाली मृतका एलएनसीटी कॉलेज में बीटेक (कंप्यूटर साइंस) की छात्रा थी। उसका शव 22 जून 2025 को सिंगरौली के भगत सिंह कॉलोनी स्थित एक मकान में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। मृतका की बहन दीपांजलि पनिका ने बहन की मौत की जांच सही तरीके से होने और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तथा मुआवजे की मांग को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए अब पुलिस को 30 दिन में विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।