जबलपुर

हाईकोर्ट ने रद्द की गिरिबाला की अग्रिम जमानत, पूर्व जज को गिरफ्तार कर सकती है CBI

Twisha Sharma Case- पूर्व जज गिरिबाला की अग्रिम जमानत निरस्त की, बुधवार को पौने तीन घंटे चली बहस के बाद गुरुवार को रात बाहर आया आदेश
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Updated: 28 May 2026, 6:25 AM IST
Twisha Sharma Case
High Court Cancels Giribala's Anticipatory Bail

Twisha Sharma Case- भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह पर गिरफ्तारी का खतरा मंडराने लगा है। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने बुधवार को कई घंटों की बहस के बाद देर रात आदेश जारी किया। जबलपुर हाईकोर्ट के जस्टिस देवनारायण मिश्रा की सिंगल बेंच ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को भोपाल को कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत निरस्त कर दी। इसी के साथ अब CBI पूर्व जज गिरिबाला को कभी भी गिरफ्तार कर सकती है।

ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने हाईकोर्ट में ​अग्रिम जमानत निरस्त करने की याचिका लगाई थी। मध्यप्रदेश सरकार ने भी पूर्व जज गिरिबाला पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया। बुधवार को दिन में पौने तीन घंटे की बहस के बाद रिजर्व किया गया हाईकोर्ट का ऑर्डर गुरुवार को रात्रि एक बजे के बाद बाहर आया। दरअसल, कोर्ट ने बुधवार को शाम पांच बजकर 20 मिनट पर ही साफ कर दिया था कि आदेश पारित करेंगे।
हाईकोर्ट में बुधवार की सुनवाई में सीबीआई ने दोनों मामलों में पक्षकार बनाए जाने और संशोधन के लिए आवेदन दायर किए, जिन्हें कोर्ट ने स्वीकार किया था। मामला ट्विशा सिंह की संदिग्ध मौत और दहेज प्रताड़ना से जुड़ा है।

ट्विशा की शादी नौ दिसंबर, 2025 को गिरिबाला सिंह के बेटे अधिवक्ता समर्थ सिंह से हुई थी। 12 मई, 2026 को ट्विशा की मौत फांसी पर लटकी अवस्था में हुई। बाद में कटारा हिल्स थाने में एफआईआर दर्ज हुई। 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भोपाल ने गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दी थी, जिसे चुनौती दी गई।

सास गिरिबाला सिंह के विरुद्ध भी स्पष्ट आरोप

हाई कोर्ट ने कहा कि वाट्सऐप चैट्स और गवाहों के बयानों में सास गिरिबाला सिंह के विरुद्ध भी स्पष्ट आरोप हैं। हाई कोर्ट ने यह भी माना कि जमानत मिलने के बाद आरोपित जांच में सहयोग नहीं कर रही थीं। हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि यदि जमानत आदेश तथ्यों की अनदेखी पर आधारित हो तो उसे निरस्त किया जा सकता है।

न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा ने 15 मई, 2026 को दी गई अग्रिम जमानत को निरस्त करते हुए आदेश दिया। दोनों याचिकाएं स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत निरस्त कर दी।

पूर्व जज को गिरफ्तार कर सकेगी CBI

हाईकोर्ट के आदेश के बाद पूर्व जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया जा सकेगा। मामले की जांच कर रही CBI उन्हें कभी भी गिरफ्तार कर सकती है।

Updated on:
28 May 2026, 6:25 AM IST
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