शाबाश सिस्टर निशा… जबलपुर की सिस्टर निशा बनी दो जिंदगियों की ‘साक्षी’
जबलपुर/ संस्कारधानी में तैयार इंजीनियर और डॉक्टर्स तो देश-विदेश में अक्सर अपने ज्ञान और हुनर का लोहा मनवाते रहे हैं लेकिन अब शहर में नर्सिंग की एक छात्रा ने ऐसा कमाल कर दिखाया है जिसकी राजस्थान तक में प्रशंसा हो रही है। दरअसल जबलपुर आने के लिए घर से निकली निशा ने चलती ट्रेन में इंमरजेंसी में सुरक्षित प्रसव कराया। निशा के हुनर ने एक बार फिर साबित कर दिखाया कि शिष्य की मेहनत और गुरु के मार्गदर्शन में प्रतिभाएं कैसे निखार पाती हैं।
ये है मामला
दरअसल, जोधपुर से वाराणसी जा रही मरुधर एक्सप्रेस ट्रेन का जनरल कोच बुधवार को सवारियों से खचाखच भरा था। सांभर से फुलेरा के बीच चल रही ट्रेन में दोपहर करीब बारह बजे एक महिला के कराहने की तेज आवाज सुनकर सवारियों में अफरा—तफरी मच गई। एक महिला प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। ये सुनकर ट्रेन में सफर कर रही जबलपुर की नर्सिंग छात्रा निशा चौधरी ने हौसला दिखाया और प्रसूता को सीट से उठाकर टॉयलेट में ले गई। इसके बाद बोगी में मौजूद महिलाओं से मदद लेकर दौड़ती ट्रेन में सुरक्षित प्रसव कराकर प्रसूता व बच्चे को जीवनदान दिया। जब नवजात व प्रसूता को टॉयलेट से बाहर लाया गया तो नजारा ऐसा था कि जैसे लेबर रूम से जच्चा—बच्चा सुरक्षित बाहर आए हों। पूरी बोगी में खुशी का माहौल था।
जबलपुर आ रही थी छात्रा
नागौर जिले में परबतसर के गांव भादवा की रहने वाली छात्रा निशा चौधरी जबलपुर यूनिवर्सिटी से बीएससी नर्सिंग कर रही है। दयोदय एक्सप्रेस में बैठने के लिए वह कुचामन से फुलेरा आ रही थी, इसी दौरान रास्ते में ये वाकया हो गया। बाद में वह फुलेरा से दयोदय एक्सप्रेस में बैठकर जबलपुर के लिए रवाना हो गई।