
Premanand Maharaj Disciple Deepak Lodhi : वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य एमपी के जबलपुर के दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण को शुरु से ही धर्म की राह लुभाती थी। उन्होंने नर्मदा परिक्रमा की, इसके बाद घर भी छोड़ दिया। वृंदावन जाकर प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेकर दीपक लोधी, रसिक दुलारी शरण बन गए। यहां उनका मन ऐसा रमा कि फिर घर ही नहीं लौटे। यहां तक कि मौत के बाद भी उनका अंतिम संस्कार भी वृंदावन में ही किया गया। रसिक दुलारी शरण वहीं की मिट्टी में मिल गए। उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ चुकी है जिसमें अत्यधिक रक्त बहने को मौत की वजह बताई गई है। इधर परिजनों ने कुछ शिकायतें की हैं जिसकी मथुरा पुलिस जांच कर रही है।
दीपक लोधी यानि रसिक दुलारी शरण की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। इसके मुताबिक, बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होने की वजह से उनकी मौत हुई। मथुरा पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच कर रही है। पुलिस ने दीपक लोधी के कमरे से एक ग्राइंडर भी बरामद किया है।
वृंदावन के सीओ संदीप कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के संबंध में एक्सपर्ट की भी सलाह ली जाएगी। उन्होंने बताया कि दीपक लोधी के परिजनों ने कुछ शिकायतें की हैं जिसकी जांच की जा रही है। सीओ संदीप कुमार के अनुसार गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। दीपक लोधी के कमरे से एक ग्राइंडर बरामद हुआ है। उन्होंने कहा कि यह घटना कैसे और क्यों हुई, इसकी जांच की जा रही है।
इधर दीपक लोधी का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है। उन्हें वृंदावन से गहरा लगाव था। इस कारण अंतिम संस्कार भी वहीं किया गया। दीपक लोधी के संबंध में उनके बहनोई सोनू पटेल ने बताया कि गुरु दक्षिणा लेने के बाद से ही वे परिवार के संपर्क में नहीं थे। वे 2024 से प्रेमानंद महाराज से जुड़ गए थे। सोनू पटेल के मुताबिक दीपक लोधी के पास मोबाइल फोन भी नहीं था। ऐसे में बात भी नहीं हो पाती थी।
दीपक लोधी की मां लोंग बाई पटेल और बहन घटना के बाद से ही बेहद दुखी हैं। मां के मुताबिक वे पिछले साल वृंदावन जाकर बेटे से मिली थीं। दीपक का मन घर में बिल्कुल नहीं लगता था। इसलिए वह जबलपुर से वृंदावन चला गया और फिर प्रेमानंदजी महाराज से दीक्षा भी ले ली।
फिलहाल मथुरा पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम जरूरी साक्ष्य जुटा रही है। यह भी पता लगा रही है कि दीपक लोधी की मौत के पीछे कोई बड़ी वजह तो नहीं है!