
Jablpur News : कुछ साल पहले मध्य प्रदेश के जबलपुर में एडीएम की गाड़ी से सड़क दुर्घटना के एक व्यक्ति की मौत के मामले में 6 साल बाद भी मुआवजा राशि का भुगतान न होने पर जबलपुर जिला अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने कड़ा आदेश देते हुए कलेक्ट्रेट की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने के आदेश दिए, जिसके बाद बुधवार को अदालत का अमला कोर्ट के आदेश को अमली जामा पहनाने कलेक्ट्रेट पहुंचा है। इस कार्रवाई के चलते प्रशासनिक हल्कों में हड़कंप की स्थित बन गई है।
आपको बता दें कि, संबंधित मामला बीते 10 सितंबर 2019 का है। संस्कारधानी जबलपुर की एक सड़क पर एसडीएम की गाड़ी की चपेट में आने से नवाब खान नामक शख्स की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद मृतक नवाब खान की पत्नी नूरजहां ने मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 166 के तहत न्यायाधिकरण में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पीड़ित परिवार को 29.30 लाख रुपए का मुआवजा राशि देने का फैसला सुनाया था।
अदालत के आदेश के बावजूद जब तय समय पर पीड़ित परिवार को मुआवजे की राशि नहीं दी गई तो कोर्ट की ओर से कलेक्ट्रेट कार्यलाय को एक के बाद एक समय समय पर कई नोटिस भी जरी किए। बताया जा रहा है कि, कोर्ट के नोटिसों पर भी जब कार्यालय की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई और ना ही पीड़ित पक्ष को भुगतान किया गया तो कोर्ट ने इसपर नाराजगी जताते हुए कड़ा रुख अपनाया।
प्रशासन की तरफ से किसी तरह का भुगतान न किए जाने पर 25 फरवरी 2025 को कोर्ट ने सख्त फैसला लेते हुए संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद भी बार-बार ताकीद की गई। आखिरकार राशि अदा न किए जाने की स्थिति में अदालत का अमला कुर्की वारंट लेकर कलेक्ट्रेट की संपत्ति कुर्क करने पहुंच गया।