जबलपुर

कोरोना को हराने में जबलपुर सबसे आगे, 216 मामलों में 45 एक्टिव केस बचे, बाकी घर लौटे

कोरोना को हराने में जबलपुर सबसे आगे, 216 मामलों में 45 एक्टिव केस बचे, बाकी घर लौटे  

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May 27, 2020
Jabalpur Collector strict order for public, provide names of travelers at march 2020

जबलपुर। शहर में कोरोना से लड़ रहे लोगों के हौसले से संक्रमण पस्त हो रहा है। कई कोरोना हॉट स्पॉट से नए पॉजीटिव केस मिलना कम हो गए हैं। अस्पताल में भर्ती संक्रमितों में कोरोना को मात देने वालों की संख्या बढ़ गई है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज और सुखसागर केयर सेंटर के कोविड वार्ड में मरीज कम होने लगे हैं। बीते कुछ समय में नए संक्रमितों के मुकाबले कोरोना को हराकर अस्पताल से डिस्चार्ज होने वाले लोगों की संख्या दोगुनी हो गई है। जिले में बीते 14 दिनों में जांच में 67 नए कोरोना पॉजीटिव केस मिले हैं। इसी अवधी में 113 संक्रमितों ने कोरोना को मात दी है। कोविड वार्ड में अब सिर्फ 45 मरीज उपचाररत हैं।

राहत भरी खबर : कोविड वार्ड में अब सिर्फ 45 मरीज उपचाररत
पखवाड़े में 67 नए पॉजिटिव, 113 ने कोरोना को हराया

शहर में कुछ इलाके कोरोना हॉट स्पॉट बने हुए थे। सराफा-दरहाई में 27, चांदनी चौक में 42 गोहलपुर-अमखेरा में 26 संक्रमित मिलने के बाद इन क्षेत्रों से अब नए पॉजीटिव केस नहीं आ रहे हैं। बहारोबाग-रद्दी चौकी, सिंधी कैम्प-बड़ी मदार टेकरी, ठक्करग्राम, मिलौनीगंज में नए संक्रमित आने का सिलसिला जारी है। लेकिन हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। संक्रमण से बचाव को लेकर लोगों में भी जागरुकता आयी है। सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।


पहला मामला 20 मार्च को
जिले में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 20 मार्च को मिला था। एक साथ मिले चार पॉजीटिव केस में तीन संक्रमित 15 दिन में स्वस्थ्य हो गए थे। जैसे ही संक्रमितों और संक्रमण को मात देने वालों की संख्या 50 के पार पहुंची, नए केस मिलने और स्वस्थ्य होने वाले बढ़ते गए। बचाव को लेकर अलर्ट होने और प्रारंभिक स्थिति में ही जांच कराने के लिए आने से स्वस्थ्य होने वाले मरीजों की दर बढ़ गई। अब नए संक्रमित मिलने की गति धीमी पड़ गई है। तेजी से संक्रमित स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। कोरोना मरीजों के उपचार की नई गाइडलाइन और अपेक्षाकृत जल्दी डिस्चार्ज करने से भी एक्टिव केस लगातार कम हो रहे हैं।

जबलपुर में एक माह का बच्चे से लेकर वृद्ध और डायबिटीज सहित अन्य गम्भीर बीमारी वाले हाईरिस्क पेशेंट भी स्वस्थ्य होकर घर लौटे हैं। कोविड टीम के डॉक्टर्स-नर्स सहित अन्य सपोर्टिंग स्टाफ लगातार संक्रमितों का ध्यान रख रहा है। आने वाले समय में लोगों को सावधानी रखना होगा। मास्क, बार-बार हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग को आदत में शामिल करना होगा।
- डॉ. जितेन्द्र भार्गव, डायरेक्टर, स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पलमोनरी मेडिसिन, एनएससीबीएमसी

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