नेता ने किया महिला से बलात्कार, पूरे गांव में हडक़ंप
जबलपुर। महिलाओं की आबरू पर हाथ डालने वालों के लिए केन्द्र व राज्य सरकारें सख्ती दिखा तो रही हैं, लेकिन इन मामलों में कमी नहीं आ रही है। फिर चाहे आम नागरिक हों या राजनीति से जुड़े लोगों की मानसिकता, वे केवल महिलाओं व लड़कियों को देह की दृष्टि से ही देखते हैं। नया मामला एक सरपंच का है, जिस पर गांव की महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया है। वहीं सरपंच ने आरोप को झूठा करार दिया है। कोर्ट ने इस मामले में आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया है।
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बलात्कार के आरोपित सरपंच को अग्रिम जमानत नहीं
हाईकोर्ट ने गंभीर आरोप बताते हुए की अर्जी निरस्त
मप्र हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी सरपंच को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। जस्टिस मो. फहीम अनवर की सिंगल बेंच ने कहा कि आवेदक के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। लिहाजा अग्रिम जमानत का लाभ देना उचित नहीं है। इस मत के साथ कोर्ट ने आरोपित की अर्जी निरस्त कर दी। पन्ना जिले की कलपुरा ग्राम पंचायत के सरपंच हुकुम सिंह राजपूत की ओर से अर्जी पेश की गई थी।
अभियोजन के अनुसार राजपूत के खिलाफ 16 जुलाई 2018 को एक महिला ने दुष्कर्म व जातिगत रूप से अपमानित करने की शिकायत दर्ज कराई थी। गुन्नोर पुलिस थाने में राजपूत के खिलाफ भादंवि की धारा 376 व एससीएसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। इसी मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए दायर की गई अर्जी की सुनवाई के दौरान आरोपित सरपंच की ओर से कहा गया शिकायतकर्ता को अपात्र होने के चलते प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान आवंटित नहीं किया गया। रंजिशवश महिला ने उसके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई है।