
Laptop Scheme In jabalpur:एमपी के जबलपुर शहर में माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। लैपटॉप योजना के तहत जबलपुर संभाग के पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों का अपडेट और सत्यापन लगभग पूरा हो चुका है। अब विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि जारी होने का इंतजार है।
संभाग में बालाघाट के 4027, जबलपुर के 3292, नरसिंहपुर के 3288, छिंदवाड़ा के 3250, सिवनी के 1924, कटनी के 1755, मंडला के 1574, डिंडौरी के 956 और पांढुर्णा के 825 विद्यार्थियों के बैंक खाते अपडेट और सत्यापित किए जा चुके है। इस प्रकार संभाग के कुल 20,891 पात्र विद्यार्थियों का सत्यापन पूरा हो गया है। कटनी जिले में 695 छात्र और 1060 छात्राएं सहित कुल 1755 विद्यार्थी योजना के लिए पात्र पाए गए है।
समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार छिंदवाड़ा के 22 और पांढुर्णा के चार विद्यार्थियों के नाम पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं। इसकी जानकारी वरिष्ठ कार्यालय को भेज दी गई है। योजना के पात्र विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है। 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में 13,179 छात्राएं और 7,714 छात्र शामिल है। वहीं, सबसे अधिक मेधावी विद्यार्थियों की संख्या बालाघाट, जबलपुर और नरसिंहपुर जिलों में दर्ज की गई है।
लैपटॉप योजना के पात्र विद्यार्थियों के खातों के अपडेट और सत्यापन की समीक्षा पूरी कर ली गई है। अधिकांश जिलों में कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण है। मेधावियों की जानकारी विभाग को भेज दी गई है। राशि वितरण की कार्रवाई शासन स्तर से शीघ्र की जाएगी।- अरुण कुमार इंग्ले, संयुक्त संचालक शिक्षा
जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार की 'मेधावी विद्यार्थी लैपटॉप योजना' (प्रतिभाशाली छात्र प्रोत्साहन योजना) के तहत 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक लाने वाले छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25,000 की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है। इसके लिए एमपी बोर्ड (MP Board) की 12वीं परीक्षा में सामान्य और पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों को कम से कम 75% अंक प्राप्त करने होते हैं।
वहीं, SC और ST वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम 65% अंक निर्धारित हैं। इस योजना का लाभ दो तरीकों से मिलता है। पात्र छात्रों का रजिस्ट्रेशन स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। वहीं छात्रों को आमतौर पर अलग से कोई फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होती है। स्कूल के क्लास टीचर या प्राचार्य द्वारा ही पात्र छात्रों की जानकारी और दस्तावेज (जैसे 12वीं की मार्कशीट, बैंक पासबुक और आधार कार्ड) एकत्र कर शिक्षा विभाग को भेजे जाते हैं।