जबलपुर

एमपी हाईकोर्ट में 4.90 लाख केस पेंडिंग, नई पदस्थापना नहीं रिटायर होने को हैं कई जज, न्याय का इंतजार और लंबा!

MP High Court No New Appointments: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में कई जज होने वाले हैं रिटायर, लेकिन नई नियुक्तियां नहीं हो रहीं, खाली पड़े हैं कई पद, स्वीकृत किए सिर्फ 53, ऐसे में न्याय मिलने में देरी बढ़ाएगी लोगों की मुश्किलें।

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Jun 18, 2026
MP High Court Jabalpur News
MP High Court Jabalpur News: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में खाली पड़े हैं जजों के कई पद, नियुक्ति नहीं हुई तो लाखों लोग को करना पड़ेगा न्याय का लंबा इंतजार। (फोटो सोर्स: Jabalpur High Court FB पेज)

MP High Court: 'न्याय में विलंब, वास्तव में अन्याय है' विधि क्षेत्र की यह प्रचलित सूक्ति मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की मौजूदा स्थिति पर सटीक बैठती है। हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस विजय कुमार शुक्ला 27 जून को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। चिंता की बात यह है कि अगले 14 माह में 5 जजों के सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायिक व्यवस्था पर दबाव और बढ़ जाएगा। यदि जल्द नई नियुक्तियां नहीं की गईं, तो लंबित मामलों की संख्या में बड़ा उछाल आ सकता है।

बता दें, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर खंडपीठों में वर्तमान में लगभग 4.90 लाख मामले लंबित हैं। इनमें करीब 1.40 लाख मामले ऐसे हैं, जो 10 वर्ष से अधिक समय से अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

एमपी हाईकोर्ट में कई पद हैं खाली, स्वीकृत हुए सिर्फ 53

एमपी हाईकोर्ट (MP High Court Update) में चीफ जस्टिस सहित कुल 53 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इस वर्ष होने वाले सेवानिवृत्तियों के बाद जजों की संख्या घटकर 35 रह जाएगी। ऐसे में प्रत्येक जज के हिस्से औसतन 14 हजार से अधिक मामलों का भार आएगा। वरिष्ठ अधिवक्ताओं के अनुसार, हाईकोर्ट की स्थापना के बाद से अब तक कभी भी स्वीकृत क्षमता के अनुरूप सभी पद नहीं भरे गए, जो लंबित मामलों के बढ़ने का प्रमुख कारण है। वहीं लाखों लोगों को न्याय के लिए पहले ही लंबा इंतजार करना होता है। न्याय में मिलने वाली यह देरी और लंबी हो जाएगी, जिससे इनकी मानसिक और आर्थिक परेशानियां बढ़ने से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

सुनवाई पर होता है असर

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (MP High Court Case Status) बार एसोसिएशन, जबलपुर के पूर्व अध्यक्ष संजय वर्मा के अनुसार हाईकोर्ट में प्रतिवर्ष औसतन 1,36,190 नए मामले दर्ज होते हैं, जबकि लगभग 1,15,644 मामलों का ही निराकरण हो पाता है। वर्तमान में एक जज औसतन 275 मामले निपटा रहे हैं। पांच वर्षों में वर्तमान पेंडेंसी समाप्त करनी है, तो हर महीने करीब 19,083 केस का निपटारा करना होगा। इसके लिए कम से कम 70 जजों की आवश्यकता होगी।

ये जज होंगे रिटायर (MP High Court Judges set to Retire)

2026 में रिटायर होंगे 3 जज

27 जून: जस्टिस विजय कुमार शुलला

17 सितंबर: जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह

08 नवंबर: जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल

2027 में दो जजों का होना है रिटायरमेंट

14 अगस्त: जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता

17 अगस्त: जस्टिस आरके वाणी

Published on:
18 Jun 2026 09:40 am