
जबलपुर . छोटे बच्चे अक्सर स्कूल का होमवर्क करने में आनाकानी करते नजर आते हैं, जिससे पैरेंट्स भी काफी परेशान हो जाते हैं और हारकर पैरेंट्स को भी बच्चों का होमवर्क कराना पड़ता है। बच्चे होमवर्क कम्पलीट न होने के कारण स्कूल जाने से भी कतराते हैं, इसलिए एनसीईआरटी ने अपनी गाइड लाइन में यह निर्धारित किया है कि क्लास टू तक के बच्चों को होमवर्क न दिया जाए, ताकि उन पर पढ़ाई का ज्यादा प्रेशर न रहे। इसी को देखते हुए सीबीएसई के किसी भी स्कूल में क्लास टू तक के बच्चों को होमवर्क नहीं दिया जाएगा। अब स्कूल में ही होमवर्क कराया जाएगा। इसके लिए अलग से एक पीरियड निर्धारित किया जाएगा।
तीन ही सब्जेक्ट्स पढेंग़े
इसके अलावा एनसीईआरटी ने यह भी निर्धारित किया है कि क्लास ३ तक के बच्चे अब सिर्फ तीन ही सब्जेक्ट्स पढेंग़े जिसमें उनको इंग्लिस, हिंदी और मैथ्स ही पढ़ाया जाएगा। अभी तक जो ७ से ८ सब्जेक्ट्स पढ़ाए जाते थे, अब उनको हटा दिया गया है। एेसा इसलिए किया गया हैं, क्योंकि वह इतनी सी उम्र में किताबों में ही उलझ कर रह जाते हैं।
स्कूल में ही होगा होमवर्क : स्कूल में मिला होमवर्क बच्चों को बोझ लगता है, जिसकी वजह से वह उसे टाल देते हैं और उस पर ध्यान नहीं देते। जब कम्पलीट नहीं होता तो स्कूल जाने से डरते हैं। अब स्कूल में ही होमवर्क कराया जाएगा। इसके लिए अलग से एक पीरियड निर्धारित किया जाएगा।
क्लास ३ तक इंग्लिस, हिंदी और मैथ्स
इसके अलावा एनसीईआरटी ने यह भी निर्धारित किया है कि क्लास ३ तक के बच्चे अब सिर्फ तीन ही सब्जेक्ट्स पढेंग़े। जिसमें उनको इंग्लिस, हिंदी और मैथ्स ही पढ़ाया जाएगा। अभी तक जो ७ से ८ सब्जेक्ट्स पढ़ाए जाते थे, अब उनको हटा दिया गया है। एेसा इसलिए किया गया हैं, क्योंकि वह इतनी सी उम्र में किताबों में ही उलझ कर रह जाते हैं।