Railway Recruitment Fraud : फर्जीवाड़ा कर रेलवे में नौकरी पाने वाले बिहार मुंगेर में रहने वाले मुकेश कुमार और उसके साथी रंजीत कुमार को सीबीआई जबलपुर की टीम ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है।
Railway Recruitment Fraud :मध्य प्रदेश के जबलपुर में रेलवे की नौकरी पाने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा करने का मामला उजागर हुआ है। फर्जीवाड़ा कर रेलवे में नौकरी पाने वाले बिहार मुंगेर में रहने वाले मुकेश कुमार और उसके साथी रंजीत कुमार को सीबीआई जबलपुर की टीम ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल पहुंचा दिया गया है। रेलवे की शिकायत पर सीबीआई ने धोखाधड़ी, आपराधिक षड़यंत्र समेत अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
मामले को लेकर सीबीआई की ओर से बताया गया कि, पश्चिम मध्य रेलवे ने साल 2024 में टेक्निशियन ग्रेड थ्री ट्रैक मशीन पद के लिए परीक्षा आयोजित की। इस परीक्षा में 92 अभ्यार्थियों का चयन हुआ, जिसमें मुंगेर के रहने वाले मुकेश कुमार भी शामिल था। मुकेश की नियुक्ति के बाद उन्हें आईआरटीएमटीसी, पीआरवाईजी में 10 नवम्बर 2025 को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया। वहां 14 नवम्बर को चयनित उम्मीदवारों का दोबारा बायोमैटि्रक सत्यापन किया। इसमें परीक्षा के समय के बायोमैटि्रक और फोटो से मुकेश के बयोमैटिक और फोटो मेल नहीं आई।
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मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर रेलवे के अफसरों ने युवक से पूछताछ की, जिसपर मुकेश ने बताया कि परीक्षा में उनके स्थान पर पड़ोस में रहने वाला रंजीत बैठा था। इतना ही नहीं उसी ने मेडिकल टेस्ट भी उसी ने पास किया। यानी परीक्षा किसी और ने दी और नौकरी कोई और कर रहा है। मामले का खुलासा होते ही मुकेश को पहले तो रेलवे से बर्खास्त किया गया और फिर उसके खिलाफ सीबीआई में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
सीबीआई की टीम को जांच में पता चला कि, मुकेश के पड़ोस में रहने वाले रंजीत कुमार ने मुकेश के स्थान पर परीक्षा दी थी। इसके बदले में उसकी आवाज में मुकेश ने उसे 6 लाख दिए थे। सीबीआई की टीम ने दोनों गिरफ्तार कर लिया है और उपयोग को 2 मार्च सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है।