Jabalpur- जबलपुर में रोहिंग्या-बांग्लादेशियों ने कब्जाई सरकारी जमीन, विहिप बजरंग दल ने खोला मोर्चा
Jabalpur- अवैध घुसपैठियों के खिलाफ अब दुनियाभर में अभियान चल रहे हैं। देश में भी करोड़ों बांग्लादेशी और रोहिंग्या बस चुके हैं जिन्हें बाहर निकालने के लिए कवायद की जा रही है। ऐसे हजारों घुसपैठी मध्यप्रदेश में भी हैं। प्रदेश के चार बड़े शहरों में शुमार जबलपुर के हालात तो बेहद खराब हैं। यहां के एक बड़े भू भाग पर रोहिंग्या और बांग्लादेशियों ने कब्जा कर लिया है।
घुसपैठियों के सैंकड़ों परिवारों ने कई सालों से यहां अपना डेरा डाल रखा है। हालांकि इन्हें हटाने के लिए अब शहरवासी आगे आने लगे हैं। हिंदू संगठनों, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने पुलिस व प्रशासन को रोहिंग्या, बांग्लादेशियों द्वारा कब्जाए इलाके को खाली कराने का अल्टीमेटम दे दिया है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि प्रशासन ऐसा नहीं करेगा तो हम खुद ही घुसपैठियों को यहां से भगाएंगे।
जबलपुर को मध्यप्रदेश की संस्कारधानी भी कहा जाता रहा है। बाहर से आए कुछ जरायमपेशा यहां का माहौल खराब करने में लगे हैं। जबलपुर में खासतौर पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी बड़ी संख्या में आकर बस गए हैं। घुसपैठियों के सैंकड़ों परिवारों ने सरकारी जमीन पर अपना कब्जा कर लिया है।
जबलपुर के बरेला थाना इलाके में बड़ी संख्या में घुसपैठिए हैं। यहां का हिनोतिया भोई क्षेत्र तो रोहिंग्या और बांग्लादेशियों का मानो गढ़ बन चुका है। इलाके की पूरी सरकारी जमीन इन घुसपैठियों के कब्जे में है। रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के सैंकड़ों परिवार यहीं रह रहे हैं। खास बात यह है कि ये घुसपैठिए सभी सरकारी योजनाओं का खुलकर लाभ भी ले रहे हैं। रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की न केवल वोटर आईडी बन चुकी है बल्कि इनके पास आधार कार्ड भी हैं।
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल नेताओं ने अब इन घुसपैठियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हिंदूवादी संगठनों ने हनोतिया भोई में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या, बांग्लादेशियों को हटाने की मांग की है। घुसपैठियों द्वारा कब्जाई सरकारी जमीन को 27 नवंबर तक खाली कराने का प्रशासन को अल्टीमेटम दे दिया है।
जबलपुर विहिप एवं बजरंग दल विभाग संयोजक सुमित सिंह ठाकुर का कहना है कि रोहिंग्या और बांग्लादेशी सरकारी जमीन पर रहे हैं। राज्य और केंद्र सरकार की तमाम योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। प्रशासन उन्हें नहीं हटाता है तो हम कार्रवाई करेंगे। इधर एडिशनल एसपी अंजना तिवारी ने कहा कि हनोतिया भोई में कई लोग सरकारी जमीन पर करीब 7 सालों से रह रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की शिकायत पर उनकी जांच की जा रही है। इससे पहले तहसीलदार, जमीन पर कब्जा करनेवाले लोगों को नोटिस जारी कर चुके हैं।