
Jabalpur news: मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के स्टेट कैंसर अस्पताल में कैंसर पीड़ित 8 मरीजों की उडी-4 के मिनिमली इनवेसिव तकनीक से निशुल्क सर्जरी की गई। एससीआई-कॉन 2026 सम्मेलन के दौरान जटिल कैंसर सर्जरी का लाइव प्रदर्शन किया गया। महाकौशल क्षेत्र और मध्यप्रदेश के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में पहली बार 3डी-4के और एडवांस आईसीजी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से ये ऑपरेशन किए गए। इन सर्जरी पर निजी अस्पतालों में 1 से 5 लाख रुपए तक खर्च आता है, जबकि सम्मेलन के दौरान मरीजों को यह उपचार पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराया गया।
ऑन्कोलॉजी और जनरल सर्जरी विभाग की ओर से आयोजित सम्मेलन में विशेषज्ञ सर्जनों ने सूक्ष्म चीरों की मदद से आहार नली और आमाशय के कैंसर की सर्जरी की। पेट के कैंसर के मरीजों से इससे राहत मिली। वीडियो असिस्टेड 2-फील्ड ईसोफेजेक्टोमी और इवॉर लुईस सर्जरी के माध्यम से पारंपरिक 20 सेंटीमीटर के चीरे और पसली निकालने की जरूरत के बजाय केवल 5 सेंटीमीटर के सूक्ष्म चीरे से ऑपरेशन किया गया। बड़ी आंत और मलाशय के कैंसर के मामलों में सीकम कैंसर के लिए कम्प्लीट मेसोकोलिक एक्सिशन और मलाश के कैंसर के लिए लो एंटीरियर रिसेक्शन किया गया।
इस तकनीक से मरीजों को पेट के रास्ते मल निकासी के लिए स्टोमा की परेशानी से राहत मिली और केवल 3 सेंटीमीटर का चीरा लगाया गया। सर्विक्स यानी बच्चेदानी के कैंसर में 3डी-4 के लेप्रोस्कोपिक रेडिकल हिस्टरेक्टमी के जरिए बिना बड़े चीरे के ऑपरेशन किया गया। वहीं, ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में कार्ल स्टोर्ज एक्सोस्कोप और आईसीजी तकनीक से सेंटिनल नोड बायोप्सी की गई। इससे पारंपरिक सर्जरी में हाथ में सूजन होने के खतरे को कम करने में मदद मिली। इसके साथ ही आसान कीमोथेरेपी के लिए कीमोपोर्ट लगाने की सर्जरी भी की गई।
-अपच और सीने में जलन
-पेट पूरी तरह भरा हुआ महसूस होना
-भूख कम लगना
-पेट में हल्का दर्द
-बार-बार जी मिचलाना या उल्टी जैसा महसूस होना
-खाना खाते समय गले में भोजन का अटकना
एससीआई-कॉन में मुंबई, अहमदाबाद, नागपुर और इंदौर से आए कैंसर विशेषज्ञों ने सर्जरी का सजीव प्रदर्शन किया। आयोजन में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से 166 प्रतिनिधि और 44 संकाय विशेषज्ञ शामिल हुए। युवा डॉक्टरों ने 37 पोस्टर, 12 अवॉर्ड पेपर और 3 ऑपरेटिव वीडियो प्रस्तुत किए।