
जबलपुर। कहते है आंखे टकराए और दिल मिल जाए। ये घटना कब किसके साथ किस मोड़ पर हो जाए ये कहा नहीं जा सकता। कुछ ऐसी ही हुआ प्रदीप्ति चौरसिया और डॉक्टर वीरेंद्र सिंह के साथ। पेशे चिकित्सक वीरेंद्र, प्रदीप्ति की मां का इलाज कर रहे थे। इसी दौरान दोनों की पहली मुलाकात हुई। पहले-पहल तो प्रदीप्ति को वीरेंद्र का मिजाज बिल्कुल पसंद नहीं आया। लेकिन मां के इजाज के चलते दोनों का आमना-सामना अक्सर होने लगा। इस बीच दोनों को ही पता नहीं चला कि वे कब एक-दूसरे का पसंद करने लगे। फिर एक दिन अचानक वीरेंद्र ने प्रदीप्ति को फोन किया और प्रपोज कर दिया। बस ये मोड़ था जहां से दोनों की लव स्टोरी शुरू हुई और फिर दोनों शादी के बंधन में बंध गए।
3 साल पहले मुलाकात
प्रदीप्ति और वीरेंद्र की मुलाकात मेडिकल कॉलेज में मां के इलाज के सिलसिले में करीब 3 साल पहले हुई। जब वीरेंद्र वार्ड में मरीजों की जांच के लिए आते थे तो उनका व्यवहार काफी सख्त होता था, जो प्रदीप्ति को बिल्कुल पसंद नहीं था। वे जब भी वीरेंद्र से अपनी मां की बीमारी और स्वास्थ्य के संबंध में कुछ पूछने की कोशिश करती तो वे रुखे तरीके से जवाब देते। उनके जवाब के तरीके पर प्रदीप्ति गुस्सा आ जाता। लेकिन प्रदीप्ति का ये गुस्सा ही धीरे-धीरे प्यार में बदल गया।