
World Snakes Day 2026: एमपी के जबलपुर का वेटरनरी वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ सेंटर और वन विभाग की रेस्क्यू टीम कई बार ऐसे विषैले सांपों को भी नई जिंदगी देती है, जिनका बचना लगभग असंभव माना जाता है। कई ऐसे मामले है, जिन्होंने न केवल चिकित्सकों को चुनौती दी, बल्कि ऑपरेशन थिएटर में घंटों की मशक्कत के बाद सांपों की जान बचाई गई।
हर साल जिले में करीब 450 सांपों का रेस्क्यू किया जाता है। इनमें से लगभग 200 सांपों का उपचार किया जाता है, जबकि 70 गंभीर मामले वाइल्ड लाइफ चिकित्सकों तक पहुंचते हैं। बीते वर्ष सर्पदंश के 42 और पशुओं में सर्पदंश के पांच मामले दर्ज किए गए।
केस-1
कटर मशीन से निकाला लोहे का एंगल: दो वर्ष पहले चिकित्सकों के सामने एक अनोखा मामला आया। एक नाग के शरीर में लोहे का एंगल आर-पार हो गया था। डॉ. अमोल रोकड़े और डॉ. निधि राय ने पहली बार इलेक्ट्रिक कटर मशीन का उपयोग करने का निर्णय लिया। जरा-सी चूक से नाग के दो टुकड़े हो सकते थे। करीब एक घंटे 20 मिनट तक बेहद सावधानी से ऑपरेशन चला। आखिरकार एंगल निकालकर नाग की जान बचा ली गई।
केस-2
बाहर निकली आंत, फिर भी बच गई जान: 16 जून को आधारताल बायपास से नाग प्रजाति का एक गंभीर रूप से घायल सांप रेस्क्यू कर अस्पताल लाया गया। उसकी आंत शरीर से बाहर निकल चुकी थी और उसके बचने की संभावना बेहद कम मानी जा रही थी। करीब दो घंटे तक चली जटिल सर्जरी के बाद आंत को सुरक्षित तरीके से शरीर के भीतर स्थापित कर सांप की जान बचा ली।
केस-3
गंभीर घायल कोबरा का भी सफल उपचार: 12 जुलाई को विजय नगर स्थित आदित्य प्लाजा क्षेत्र से करीब चार फीट लंबा घायल कोबरा रेस्क्यू कर अस्पताल लाया गया। उसके सिर और आंख के पास गंभीर चोट थी तथा चिकित्सकों ने लगभग एक घंटे तक ऑपरेशन कर उसका उपचार किया। स्वस्थ होने के बाद उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा
-हर वर्ष 450 सांपों का रेस्क्यू करीब 200 सांपों का उपचार
-70 गंभीर मामले वाइल्ड लाइफ चिकित्सकों तक पहुंचते हैं
-गत वर्ष सर्पदंश के 42 मामले
-गत वर्ष पशुओं में सर्पदंश के 5 मामले आए थे सामने
विशेषज्ञों के अनुसार जबलपुर जिले में सांपों की लगभग 23 प्रजातियां पाई जाती हैं, जबकि देशभर में इनकी करीब 300 प्रजातियां हैं। जिले में स्पेक्टेकल कोबरा, इंडियन कॉमन करैत, रसेल वाइपर, सॉ-स्केल्ड वाइपर, धामन, अजगर, रेड सैंड बोआ, ट्री स्नेक, कीलबैक और बुल स्नेक सहित कई प्रजातियां मिलती हैं। इनमें करैत, कोबरा, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर सबसे अधिक विषैले माने जाते हैं।
अधिकांश मामलों में सांप घायल अवस्था में लाए जाते हैं। कई बार चोट इतनी गंभीर होती है कि ऑपरेशन ही विकल्प बचता है। कोबरा के शरीर में फंसे लोहे के एंगल वाला मामला चुनौतीपूर्ण था। टीमवर्क से ऑपरेशन सफल रहा।- डॉ. अमोल रोकड़े, चिकित्सक
सांपों की सर्जरी सामान्य पशुओं की तुलना में जटिल होती है। इनके शरीर की संरचना बेहद नाजुक होती है, इसलिए ऑपरेशन में विशेष तकनीक और धैर्य की जरूरत होती है। कई ऐसे सांप भी हमारे पास आए, जिनके बचने की उम्मीद बहुत कम थी, लेकिन उन्हें बचाया गया।- डॉ. निधि राजपूत, चिकित्सक