CG Road Accident: छत्तीसगढ़ के Kondagaon, Surajpur और Jagdalpur में हुए अलग-अलग सड़क हादसों में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
CG Road Accident: छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ही दिन में अलग-अलग जिलों से सामने आए भीषण एक्सिडेंट ने फिर से सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Kondagaon, Surajpur और Jagdalpur में हुए इन हादसों में 2 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि कुल 10 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
National Highway 30 पर तेज रफ्तार का कहर सबसे भयावह रूप में सामने आया। यहां एक माजदा वाहन और ट्रक के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि माजदा में सवार मजदूर वाहन के अंदर ही फंस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से काफी मशक्कत के बाद घायलों और शवों को बाहर निकाला गया। इस हादसे में 2 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को Pharasgaon के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे के कारण हाईवे पर लंबा जाम लग गया और यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह बाधित रहा। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
वहीं Surajpur जिले में भी एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया। अंबिकापुर से बिहार जा रही एक यात्री बस सड़क किनारे खड़ी ट्रक से जा टकराई। इस घटना के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में करीब 12 लोग घायल हुए, जिनमें से 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
Jagdalpur के पुसपाल घाट में गिट्टी से भरा तेज रफ्तार हाईवा वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में चालक सहित 3 लोग वाहन में ही फंस गए। गनीमत रही कि मौके पर तैनात CRPF की 188वीं बटालियन के जवान तुरंत सक्रिय हुए। सहायक कमांडेंट बन्ना राम के नेतृत्व में जवानों ने राहत कार्य शुरू किया और फंसे हुए घायलों—लक्ष्मण, योगेंद्र और कार्तिक—को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया।
एक ही दिन में तीन अलग-अलग जिलों में हुए इन हादसों ने यह साफ कर दिया है कि तेज रफ्तार और लापरवाही सड़कों पर जानलेवा साबित हो रही है।
ये सभी कारण मिलकर ऐसे हादसों को जन्म दे रहे हैं। अब सवाल यही है— क्या सख्त ट्रैफिक नियमों का पालन और जागरूकता ही इन हादसों को रोकने का एकमात्र रास्ता है, या फिर सिस्टम को और सख्ती से कदम उठाने की जरूरत है?