CG Road Accident: नेशनल हाईवे-63 पर किलेपाल के पास ट्रक और इनोवा की भीषण भिड़ंत में गर्भवती महिला सहित तीन लोग घायल हो गए।
CG Road Accident: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में एक बार फिर तेज रफ्तार ने सड़क पर कहर बरपाया। नेशनल हाईवे-63 पर किलेपाल तहसील के पास हुए भीषण सड़क हादसे ने न सिर्फ तीन जिंदगियों को झकझोर दिया, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। गर्भवती पत्नी का इलाज कराकर घर लौट रहे एक परिवार के लिए यह सफर अचानक दर्दनाक हादसे में बदल गया।
मिली जानकारी के अनुसार, इनोवा कार (सीजी 18 एस 3744) में सवार दंपति अपनी गर्भवती पत्नी सुप्रिया का इलाज कराकर वापस लौट रहे थे। उनके साथ चालक कपिल और एक अन्य युवक आशीष भी मौजूद था। जैसे ही वाहन किलेपाल के पास पहुंचा, सामने से आ रहे ट्रक (सीजी 04 क्यू टी 7784) से आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों वाहनों की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का टायर मौके पर ही फट गया, जबकि इनोवा कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह दब गया था, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इस खतरनाक हादसे में राहत की बात यह रही कि कार के एयरबैग समय पर खुल गए। यही वजह रही कि इतनी भीषण टक्कर के बावजूद कार सवार तीनों लोगों की जान बच गई। अगर एयरबैग काम नहीं करते, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।
हादसे में चालक कपिल को सीने और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। वहीं आशीष का दाहिना हाथ फ्रैक्चर हो गया और उसे भी सीने में चोट लगी है। सबसे चिंता की बात यह है कि 22 वर्षीय गर्भवती महिला सुप्रिया भी इस दुर्घटना में घायल हो गई हैं। हालांकि प्राथमिक जानकारी के अनुसार उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को किलेपाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डिमरापाल मेडिकल कॉलेज, जगदलपुर रेफर कर दिया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और यह भीषण हादसा हो गया। हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है और वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर कब तक तेज रफ्तार और लापरवाही सड़क पर जानलेवा बनती रहेगी। खासकर नेशनल हाईवे जैसे व्यस्त मार्गों पर सावधानी और नियमों का पालन बेहद जरूरी है।
यह हादसा भले ही बड़ा नुकसान टलने का उदाहरण हो, लेकिन यह एक कड़ी चेतावनी भी है कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है।
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