जगदलपुर

Amit Shah Bastar Meeting: बस्तर में पहली बार सबसे बड़ी सुरक्षा बैठक, 19 मई को जुटेंगे 4 राज्यों के मुख्यमंत्री

Amit Shah Bastar Meeting: बस्तर में 19 मई को ऐतिहासिक मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक होने जा रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में चार राज्यों के मुख्यमंत्री जगदलपुर में सुरक्षा, विकास और नक्सल मुद्दों पर मंथन करेंगे।

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बस्तर में सबसे बड़ी बैठक (photo source- Patrika)

Amit Shah Bastar Meeting: बस्तर में आज से ठीक 12 दिन बाद एक ऐतिहासिक बैठक होगी। यह बैठक लाल आंतक से चार दशक तक जूझते रहे बस्तर के लिए बेहद खास है। ऐसी बैठक बस्तर में कभी नहीं हुई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 19 मई को जगदलपुर में चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक करेंगे। इस बैठक के बस्तर में होने की घोषणा पिछले साल 24 जून को वाराणसी में हो गई थी। तब वहां परिषद की 25वीं बैठक हुई थी।

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Amit Shah Bastar Meeting: शांति का संदेश समूचे देश को देने की तैयारी

24 जून 2026 के बाद बस्तर में बहुत कुछ बदला और 31 मार्च 2026 को बस्तर नक्सल मुक्त हो गया। अब नए बस्तर में चार राज्यों की आवाज गूंजेगी। इस बैठक के जरिए बस्तर में कायम हुई शांति का संदेश समूचे देश को देने की तैयारी है। कभी नक्सल हिंसा के साये में रहने वाला बस्तर अब एक ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे। उनके साथ छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय़, मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव, उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के सीएम पुष्कर हिंसा धामी मौजूद रहेंगे।

बस्तर में ही बैठक क्यों हो रही यह भी समझें

बस्तर में इस हाई लेवल मीटिंग का होना अपने आप में बड़ा संदेश है। एक समय में जहां सुरक्षा कारणों से बड़े आयोजन मुश्किल थे, वहीं अब देश के चार बड़े राज्यों के मुख्यमंत्री यहां एक साथ बैठकर नीतियां तय करेंगे। यह बदलाव नक्सलमुक्ति के बाद क्षेत्र में स्थापित हो रहे विश्वास, सुरक्षा और विकास का प्रतीक माना जा रहा है। इस बैठक के जरिए केंद्र सरकार देशभर में एक संदेश देना चाहती है। सरकार यह स्पष्ट रूप से बताना चाहती है कि उसने नक्सल मोर्चे पर फतह पा ली है और अब बस्तर को देश का सबसे विकसित संभाग बनाने के रोड मैप पर काम शुरू हो चुका है।

छग में इससे पहले परिषद की एक ही बैठक हुई

मध्य क्षेत्रीय परिषद जो 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत बनी एक महत्वपूर्ण सलाहकार संस्था है का उद्देश्य राज्यों के बीच समन्वय और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है। देश के सभी राज्यों के बीच ६ परिषद का गठन किया गया है जिनकी बैठक समय-समय पर संबंधित राज्यों में होती है। बात करें छत्तीसगढ़ की तो यहां पर परिषद की इससे पहले एक ही बैठक हुई है जो कि साल 2020 में नया रायपुर में हुई थी। परिषद की दूसरी बैठक अब बस्तर में हो रही है।

बैठक से पहले राज्यों के अफसर 50 एजेंडे तय कर चुके

जगदलपुर में 19 मई को होने वाली इस बड़ी बैठक से पहले नवा रायपुर में 30 जनवरी 2026 को मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की 17वीं बैठक हो चुकी है। जिसमें चारों राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने करीब 50 अहम एजेंडों पर गहन चर्चा की।

इन बिंदुओं में सामाजिक-आर्थिक विकास, योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित अंतरराज्यीय मुद्दों का समाधान और बेहतर समन्वय शामिल हैं। मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक को मुख्य बैठक की रूपरेखा तय करने के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। यहां लिए गए निर्णय और सिफारिशें अब 19 मई को जगदलपुर में होने वाली परिषद की बैठक में रखे जाएंगे।

Amit Shah Bastar Meeting: क्षेत्रीय परिषद की बैठक देश के लिए क्यों महत्वपूर्ण

क्षेत्रीय परिषदों का प्रस्ताव पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा वर्ष 1956 में रखा गया था। राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 के तहत भारत में पांच क्षेत्रीय परिषदों की स्थापना की गई थी। बाद में पूर्वोत्तर परिषद अधिनियम, 1971 के अंतर्गत पूर्वोत्तर राज्यों के लिए एक अलग क्षेत्रीय परिषद की स्थापना की गई। क्षेत्रीय परिषदों का प्रमुख उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करना था। इनका उद्देश्य राज्यीय पहचान, क्षेत्रवाद, भाषावाद और पृथकतावादी प्रवृत्तियों को रोकना भी था। इस प्रकार वर्तमान में भारत में कुल छह क्षेत्रीय परिषदें कार्यरत हैं।

चारों राज्य एक-दूसरे के बेस्ट प्रैक्टिस को देखेंगे

चारों राज्य 19 मई को जगदलपुर में अपने-अपने नवाचार भी साझा करेंगे। छत्तीसगढ़ ‘ङ्क्षसगल ङ्क्षवडो सिस्टम 2.0’, दंतेवाड़ा का ब्लॉकचेन आधारित भूमि रिकॉर्ड और एआई आधारित शिक्षा मॉडल पेश करेगा। वहीं मध्यप्रदेश ग्रामीण पर्यटन, उत्तराखंड जल स्रोत पुनर्जीवन और उत्तरप्रदेश शहरी सुधार व डिजिटल सेवाओं के मॉडल प्रस्तुत करेगा। इन सफल प्रयोगों को राज्य अपने यहां भी लागू करेंगे।

Updated on:
07 May 2026 11:24 am
Published on:
07 May 2026 11:23 am
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