जगदलपुर

CG Naxal Encounter: 160 दिन में 140 नक्सली ढेर, कब-कब हुआ एनकाउंटर, देखें..

CG Naxal Encounter: बीते 160 दिनों में अलग-अलग जगहों में हुए मुठभेड़ पर नजर डाले तो अब तक 140 नक्सली मारे गए हैं। उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव से पहले ही सुरक्षाबलों की टीम लगातार सर्चिंग अभियान चला रही है..

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CG Naxal Encounter: अबूझमाड़ में एक बार फिर फोर्स को 8 नक्सलियों को ढेर करने में कामयाबी मिली है। वहीं बीते 160 दिनों में अलग-अलग जगहों में हुए मुठभेड़ पर नजर डाले तो अब तक 140 नक्सली मारे गए हैं। उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव से पहले ही सुरक्षाबलों की टीम लगातार सर्चिंग अभियान चला रही है। वहीं अब नारायणपुर में 8 नक्सलियों को जवानों ने मार गिराया है।

CG Naxal Encounter: दो दिन पहले नारायणपुर, कोण्डागांव, कांकेर, दन्तेवाड़ा से डीआरजी, एसटीएफ व आईटीबीपी और बीएसएफ के हजार से ज्यादा जवान ज्वाइंट ऑपरेशन पर निकले थे। इसी दौरान माड़ के कुतुल इलाके में नक्सलियों के जमावड़े की खबर पर फोर्स ने अपना मूवमेंट इस इलाके की ओर किया।

एसटीएफ जवान नितिश एक्का (27) शहीद हो गए

शनिवार को यहां जवानों का नक्सलियों से सामना हो गया। ( Sukma Naxal Encounter ) मुठभेड़ शुरू हुई और कुछ घंटे के बाद जवानों ने 8 नक्सलियों के शव बरामद किए। इसी बीच एसटीएफ जवान नितिश एक्का (27) शहीद हो गए। नीतिश जशपुर जिले के रहने वाले थे। वहीं एसटीएफ के ही दो जवान लेखराम नेताम (28) निवासी कोण्डागांव, कैलाश नेताम (33) निवासी कोण्डागांव घायल हो गए। जिन्हें बेहतर उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर रायपुर ले जाया गया। घायल जवानों की स्थिति खतरे से बाहर है।

मुठभेड़ में शहीद एसटीएफ जवान नितिश एक्का की शहादत पर सीएम विष्णुदेव साय ने दुख जताया है। ( Bastar Naxal Encounter ) उन्होंने कहा कि मैं ईश्वर से शहीद जवान की आत्मा की शांति और घायल जवानों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। सीएम ने कहा कि लगातार कार्रवाई से नक्सली विचलित हैं। उनके खात्मे के लिए हमारी सरकार पूरी तरह तत्पर है और जब तक लक्ष्य पूरा नहीं हो जाता तब तक कार्रवाई नहीं रुकेगी।

CG Naxal Encounter: मुठभेड़ में कुछ नक्सली बॉर्डर की ओर भागे

मुठभेड़ जब शुरू हुई तब वहां अच्छी खासी संख्या में नक्सली मौजूद थे। फोर्स ने नक्सलियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। मिली जानकारी के अनुसार नक्सली इस दौरान सिर्फ खुद को कवर करते रहे। जवानों की संख्या नक्सलियों से ज्यादा थी, वे नक्सलियों पर भारी पड़ रहे थे। ऐसी स्थिति में नक्सली जंगल की आड़ में महाराष्ट्र बॉर्डर की ओर भागने लगे। फोर्स का इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।

लगातार लॉन्च कर रहे ऑपरेशन

कभी नक्सलियों के लिए अबूझमाड़ सबसे सुरक्षित इलाका था। इसे नक्सलियों की राजधानी भी कहा जाता था। यहां नक्सलियों के टॉप लीडर का हमेशा जमावड़ा रहता था। अप्रैल से लेकर अब तक 5 बड़े ऑपरेशन माड़ इलाके में लॉन्च किए गए हैं और उन ऑपरेशन में 32 नक्सली मारे जा चुके हैं।

बीते 160 दिन में 140 नक्सली मारे गए

अबूझमाड़ में जिस जगह पर मुठभेड़ हुई वह इलाका छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर से लगा हुआ है। कुतुल इलाके के फरसबेड़ा और कोड़तामेटा इलाके में भारी संख्या में नक्सली मौजूद होने की सूचना पर ऑपरेशन लॉन्च किया गया और यह सफलता मिली। इस साल जनवरी से अब तक 160 दिन में जवानों ने 140 नक्सली ढेर किए गए हैं।

अप्रैल से अब तक हुए एनकाउंटर

2 अप्रैल को बीजापुर के करचोली में 13 नक्सली ढेर

5 अप्रैल को दंतेवाड़ा में 1 नक्सली ढेर।

15 अप्रैल को कांकेर में 15 नक्सली मारे गए।

29 अप्रैल को नारायणपुर में 10 नक्सली ढेर।

10 मई को बीजापुर में 12 नक्सली मारे गए।

23 मई को अबूझमाड़ के रेकावाया में 8 नक्सली ढेर।

8 जून को अबूझमाड़ के आमदई में 6 नक्सली ढेर।

10 जून को बीजापुर में 12 नक्सली मारे गए।

15 जून को अबूझमाड़ के कुतुल में 8 नक्सली मारे गए।

Updated on:
17 Jun 2024 07:24 am
Published on:
16 Jun 2024 10:50 am
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