
Chhattisgarh politics: मौजूदा शहर सरकार की चौथी सामान्य सभा बवाल के बीच 40 मिनट में निपट गई। कांग्रेसी पार्षद उनकी मांगें और शहर के ज्वलंत मुद्दों को सभा के एजेंडे में शामिल नहीं करने को लेकर नाराज थे। पहले विपक्ष ने सभापति खेमसिंह देवांगन से मल्टीलेवल पार्किंग पर चर्चा और रेलवे प्रभावितों को निगम की ओर से मदद की मांग की। यह मांग पूरी नहीं हुई तो कांर्ग्रेसियों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
इसके बाद महापौर संजय पांडेय ने एमआईसी से तय 13 एजेंडों को बहुमत के आधार पर पास करवाया। इसके बाद असल बवाल शुरू हुआ। कांग्रेसी सदन से बाहर निकले और रेलवे प्रभावितों के साथ हो लिए। उनके साथ निगम गेट पर बैठकर महापौर के खिलाफ नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने यह तक कह दिया कि महापौर को सिर्फ स्वहित से मतलब है जनहित से नहीं।
चौधरी ने कहा कि पिछली सामान्य सभा में कहा गया था कि आज की सामान्य सभा में प्रतापगंज पारा में तय मल्टीलेवल पार्किंग पर चर्चा होगी पर उसे एजेंडे में शामिल ही नहीं किया गया। चौधरी ने कहा कि महापौर तो अब खुलेआम कह रहे हैं कि मंदिर बनकर रहेगा। चौधरी ने कहा कि हमारा विरोध मंदिर या किसी समाज से नहीं है। हमारा विरोध सिर्फ बेहद उपयोगी जमीन को देने का है। चौधरी ने कहा कि पार्किंग के साथ ही शॉपिंग कॉप्लेक्स बनता तो निगम की आय में करोड़ों का इजाफा होता।
रेलवे प्रभावित निगम के गेट पर बैठकर महापौर के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इस बीच महापौर सदन से बाहर आए और उनसे बात करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वे सभी से बातचीत के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाएंगे। कार्रवाई केंद्रीय मंत्रालय रेलवे की है इसलिए इस पर निगम जो कर सकता है वो आप लोग समझें। प्रभावित महापौर से तभी बात के लिए तैयार थे जब वे सबके सामने बात करें।
महापौर समेत भाजपा के पार्षद प्रभावितों से चर्चा के लिए नाम तय करने की मांग करते रहे, लेकिन अंत तक बात नहीं बनी। अंत में बिना किसी समाधान और मदद के आश्वासन के प्रभावितों को लौटना पड़ा। इस पर महापौर ने कहा कि हम लोगों ने इन्हीं लोगों के लिए पिछली सरकार में आंदोलन किया, जेल गए। आज भी मदद के लिए तैयार हैं लेकिन वे आज उन लोागों के साथ बैठे हैं जिन्होंने उन्हें ठगा था।
शहर के चंद्रशेखर आजाद वार्ड के पार्षद लोकेश चौधरी सदन में अपनी शर्ट पर माइक लगाकर पहुंचे थे। महापौर संजय पांडेय ने यह कहते हुए इसका विरोध किया कि कोई भी सदस्य सदन की कार्रवाई के दौरान कैमरा लगाकर नहीं आ सकता। यह एक्ट का उल्लंघन है। इस पर लोकेश ने कहा कि वे कैमरा नहीं माइक लगाकर गए थे।
लोकेश ने कहा कि वे लालबाग क्षेत्र के सनसिटी का मुद्दा उठाने वाले थे। वे चाहते थे कि उनका सवाल और महापौर का जवाब साफ आवाज में रिकॉर्ड हो इसलिए वे माइक लगाकर आए थे। उनका उद्देश्य सिर्फ जनता की मांग को सदन तक पहुंचाना था। जनता की मांग पर महापौर का जवाब जनता सुन पाए इसलिए वे माइक लगाकर आए थे। लोकेश ने कहा कि अगर माइक उन्हें कैमरा दिख रहा है तो इस पर अब क्या ही कहा जाए।
Chhattisgarh politics: नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने बताया कि निगम में भाजपा के महापौर संजय पांडेय की मनमानी चरम पर पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यशोगान करने के लिए जीएसटी समर्थन प्रस्ताव सभा बुलाई गई। इस सभा से कांग्रेसी पार्षद दूर रहे। बावजूद इसके सभा के मिनट्स में सर्वसमति का जिक्र है। हमने कोई सहमति नहीं दी तो हमारा जिक्र कर झूठी वाहवाही क्यों लूट रहे हैं? महापौर को यह बताना चाहिए कि उन्होंने झूठ क्यों लिखवाया।