
जगदलपुर. शहर के लालबाग निवासी संतो जैकब से अज्ञात व्यक्ति ने ओटीपी नंबर मांग कर उनके खाता से 28 हजार रुपए निकाल लिया। उन्होंने मामले की शिकायत कोतवाली थाने में शुक्रवार को दर्ज करवाई है। ओटीपी नंबर से ठगी करने का ऐसा पहला मामला प्रकाश में आया है।
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार लाल बाग निवासी संतो जैकब को सुबह 11 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल पर कॉल किया। उसने बीएसएनएल सिम को आधार से लिंक करना है कहते हुए ओटीपी नंबर मांगा। अज्ञात व्यक्ति ने खूद को बैंक का कर्मचारी बताया। भरोसे में आकर संतो जैकब ने अपने मोबाइल में मैसेज से पहुंची ओटीपी नंबर की जानकारी दी।
ओटीपी बताने के कुछ ही मिनटों के बाद उनके एसबीआई बैंक खाता से 28 हजार 989 रुपए अज्ञात व्यक्ति ने निकाल लिया। इसके बाद जब संतो जैकेब ने उस व्यक्ति को फोन नंबर पर कॉल लगाया तो मोबाइल बंद मिला। उन्होंने तत्काल स्टेट बैंक पहुंचकर जानकारी ली। तो पता चला कि वे ऑनलाईन ठगी के शिकार हुए हैं। उक्त मामले की शिकायत कोतवाली में करते हुए उन्होंने जांच सहित खाते से रुपए चोरी करने वाले के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
यह पहला मामला नही हैं। इससे पूर्व भी ऑन लाइन ठगी के मामले सामने आते रहे हैं। आधार लिंक, सिम, मोबाइल रिचार्ज, ऑन लाईन शॉपिंग और बैंक कर्मचारी का झांसा देकर अज्ञात व्यक्ति मोबाइल पर गोपनीय जानकारी की मांग करते हैं। इसके बाद ऑनलाइन ठगी की वारदात को बड़ी ही आसानी से अंजाम देते हैं। इस तरह साइबर क्राइम के शिकार लगातार लोग हो रहे हैं। ऐसी शिकायतों पर पुलिस भी तेजी से कार्रवाई नहीं करती है।
इस तरह ओटीपी से करते हैं ठगी
साइबर क्राइम से जुड़े अज्ञात व्यक्ति किसी माध्यम से आपका मोबाइल नंबर पता करते हैं। इसके बाद वे ऑनलाईन शॉपिंग की नेशनल व इंटनेशनल वेबसाइड्स पर लाग इन करते वक्त आपकी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करते हैं। चार अंकों का ओटीपी मोबाइल पर आता है। इस ओटीपी की जानकारी को झांसा देकर हासिल कर ऑनलाइन खरीदी की जाती है। जिसकी रकम सीधे बैंक खाते से कट जाती है।
अज्ञात व्यक्ति को न दें गोपनीय जानकारी
सीएसपी लखन पटले ने आम नागरिकों से अपील की है कि वह किसी भी तरह की गोपनीय जानकारी मोबाइल के माध्यम से अज्ञात व्यक्तियों को न बताएं। उन्होंने बताया कि एटीएम कार्ड लॉक होने पर, आधार लिंक करने, मोबाइल बंद होने व सीम बंद होने की बात कहकर अज्ञात व्यक्ति गोपनीय जानकारी हासिल कर ऑनलाइन ठगी को अंजाम देते हैं। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम को रोकने पुलिस की ओर से समय-समय पर मोहल्ला समिति अन्य माध्यमों से लोगों को सजग करने का प्रयास किया जा रहा है।