Tour Package Dispute: जिला उपभोक्ता आयोग ने हांगकांग-मकाऊ टूर में लापरवाही बरतने पर ट्रैवल एजेंसी को 1.5 लाख रुपये लौटाने और 50 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया।
Travel Fraud Case: विदेश यात्रा के नाम पर लापरवाही बरतना एक ट्रैवल एजेंसी को महंगा पड़ गया। जगदलपुर निवासी परिवार की शिकायत पर जिला उपभोक्ता आयोग ने Holiday Triangle Travel Pvt Ltd को 1.50 लाख रुपये वापस करने और 50 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। यह फैसला आयोग की अध्यक्ष सुजाता जसवाल, सदस्य आलोक कुमार दुबे और सीमा गोलछा की संयुक्त पीठ ने सुनाया।
आनंद विश्वकर्मा की पत्नी बिंदु विश्वकर्मा ने अपने परिवार के 8 सदस्यों के लिए हांगकांग और मकाऊ का टूर पैकेज बुक कराया था। इस पैकेज के लिए एजेंसी ने कुल 7 लाख रुपये वसूले थे। परिवार को उम्मीद थी कि उन्हें एक आरामदायक और व्यवस्थित विदेशी यात्रा का अनुभव मिलेगा।
परिवार जब हांगकांग और मकाऊ पहुंचा, तो उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ा:
इन सभी कारणों से यात्रा का अनुभव बेहद खराब हो गया।
हांगकांग में स्थानीय भाषा की वजह से आवेदिका और उनके परिवार को संवाद में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ट्रैवल एजेंसी की ओर से कोई उचित गाइड या सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
खराब अनुभव से आहत होकर बिंदु विश्वकर्मा ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि एजेंसी ने अधिक शुल्क लेने के बावजूद तय मानकों के अनुरूप सेवाएं प्रदान नहीं कीं। आयोग ने इसे सेवा में कमी (Deficiency in Service) और व्यावसायिक कदाचार माना।इसी आधार पर आयोग ने आदेश दिया कि 1 लाख 50 हजार रुपये आवेदिका को वापस किए जाएं। 50 हजार रुपये मानसिक क्षति के लिए अतिरिक्त दिए जाएं।
यह फैसला उन सभी उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है जो ट्रैवल एजेंसियों पर भरोसा कर महंगे पैकेज बुक करते हैं। आयोग ने साफ किया कि यदि सेवाएं वादे के अनुरूप नहीं दी जातीं, तो उपभोक्ता को न्याय मिल सकता है और कंपनियों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। यह मामला न केवल एक परिवार के संघर्ष की कहानी है, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों की मजबूती का भी बड़ा उदाहरण है, जो बताता है कि जागरूकता और कानूनी रास्ता अपनाने से न्याय जरूर मिलता है।