
Railway Overbridge Project: शहर और शहर से लगी ग्रामीण आबादी सबसे बड़े लामनी रेलवे फाटक की वजह से सालों परेशान है। अब जब रेलवे ने लामनी में ओवरब्रिज के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी तो रेलवे के टेक्निकल ङ्क्षवग ने पूरे प्रोजेक्ट को शुरुआती प्रमुख काम होने के बाद भी अटका दिया है। दरअसल रेलवे ने स्टेट पीडब्ल्यूडी के ब्रिज सेक्शन को लामनी ओवर ब्रिज के लिए सर्वे व अन्य शुरुआती जरूरी काम पूरे करने कहा था। जब ब्रिज सेक्शन ने यह काम पूरा किया तो होना यह था कि रेलवे प्रोजेक्ट का डिजाइन ब्रिज को सौंपे और काम शुरू करवाए लेकिन यह काम अब रेलवे की तरफ से अटका दिया गय है और शहर की बड़ी आबादी फाटक के जाम में फंसकर हर दिन हलाकान हो रही है।
शहर के बोधघाट चौक से ग्राम लामनी को जोडऩे वाले मुख्य मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक सालों से क्षेत्रवासियों और दैनिक यात्रियों के लिए गले की फांस बना हुआ है। बोधघाट-लामनी मार्ग पर रोजाना हजारों की संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। दिन में कई बार ट्रेन गुजरने के कारण जब-जब फाटक बंद होता है, तब-तब मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं।
लामनी और आसपास के गांवों से शहर के स्कूलों व कॉलेजों में आने वाले छात्र-छात्राएं अक्सर फाटक बंद होने की वजह से देर से पहुंचते हैं। यही स्थिति शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों के साथ भी होती है। सुबह-सुबह काम पर निकलने वाले दिहाड़ी मजदूरों को फाटक पर फंसे रहने के कारण समय का नुकसान झेलना पड़ता है, जिससे कई बार उन्हें काम पाने में कठिनाई होती है। सबसे गंभीर और चिंताजनक स्थिति आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के दौरान उत्पन्न होती है।
जब लामनी व आसपास के गांवों से किसी गंभीर मरीज को जिला अस्पताल ले जाना होता है, तो 108 एम्बुलेंस और निजी वाहन फाटक बंद रहने के कारण जाम में फंस जाते हैं। ऐसे में इलाज में होने वाली देरी कई बार मरीजों की जान पर भारी पड़ जाती है।
इस ओवरब्रिज के निर्माण से न केवल लामनी बल्कि इससे सटे दर्जनों ग्रामीण इलाकों के लोगों को शहर से निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति में अस्पतालों तक पहुंचने का समय काफी कम हो जाएगा, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
विभागीय सूत्र के मुताबिक सर्वे का काम पूरा हो चुका है। रेलवे विभाग को डिजाइन और नक्शे की स्वीकृति के लिए पत्राचार किया गया है। रेलवे से क्लियरेंस मिलते ही आगे की स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया बिना किसी देरी के शुरू की जाएगी।
स्थानीय निवासियों द्वारा लंबे समय से इस रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज के निर्माण की मांग की जा रही थी। जनहित को ध्यान में रखते हुए अब प्रशासनिक कवायद ने गति पकड़ ली है। लोक निर्माण विभाग और संबंधित तकनीशियन टीमों द्वारा जमीन के माप, यातायात के दबाव और भौगोलिक स्थिति का आकलन करते हुए प्राथमिक सर्वे की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक विभागीय तैयारियां पूरी हैं। अब सभी की निगाहें रेलवे प्रशासन पर टिकी हैं। जैसे ही रेलवे की ओर से ओवरब्रिज का नक्शा और तकनीकी डिजाइन फाइनल होकर मिलेगा, जिला प्रशासन तुरंत टेंडर आमंत्रण और निर्माण की दिशा में आगे बढ़ेगा।