Leopard Attack: बस्तर के बास्तानार क्षेत्र में तड़के सुबह गांव में घुसे तेंदुए ने तीन ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
Leopard Attack: बस्तर वन मंडल के बास्तानार क्षेत्र में होली पर्व की तैयारियों के बीच तेंदुए के हमले से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। तडक़े सुबह गांव में घुसे तेंदुए ने तीन ग्रामीणों पर हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गए। घटना के बाद आसपास के गांवों में भय का माहौल बन गया है। वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रकाश ठाकुर से मिली जानकारी के अनुसार तेंदुए के हमले में 70 वर्षीय मोटली, 45 वर्षीय रामलाल पटेल और 30 वर्षीय हड़मे घायल हो गए हैं जिन्हें किलेपाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुआ सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच गांव में घुस आया और अचानक लोगों पर हमला करने लगा। घायल हड़मे ने बताया कि वह अपने बच्चों को सुला रही थी, तभी तेंदुए ने उसका हाथ पकडक़र खींचना शुरू कर दिया। उसकी चीख-पुकार सुनकर उसका पति मौके पर पहुंचा और टंगिया लेकर तेंदुए को खदेड़ दिया, जिससे उसकी जान बच सकी। वन विभाग की ओर से घायलों को तत्काल राहत के रूप में पांच-पांच हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है तथा शासन से अतिरिक्त मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया है।
घटना के बाद बास्तानार, सुक्को पारा, डंका पारा, इरपा और काकलूर जैसे अंदरूनी गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकडऩे की मांग भी की है। सूचना मिलने पर चित्रकोट वन परिक्षेत्र के रेंजर प्रकाश ठाकुर के मार्गदर्शन में डिप्टी रेंजर रामदास बघेल मौके पर पहुंचे और घायलों से मुलाकात कर उन्हें सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने ग्राम प्रमुखों और कोटवारों के साथ बैठक कर ग्रामीणों से सतर्क रहने और अकेले बाहर न निकलने की अपील की।
वन विभाग ने महुआ बीनने जंगल जाने वाले लोगों से भी सावधानी बरतने और 10-12 लोगों के समूह में जंगल जाने की सलाह दी है। वहीं तडक़े और रात में अकेले बाहर न निकलें सहित बच्चों को घर से दूर न जाने देने व तेंदुआ दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की है।