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CG Fertilizer Scam: बस्तर में यूरिया घोटाला! 100 टन खाद दूसरे जिले भेजी, दुकान सील

CG Fertilizer Scam: बस्तर में 100 टन यूरिया दूसरे जिले भेजने का मामला सामने आया है। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दुकान को सील कर दिया।

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बस्तर में यूरिया घोटाला (photo source- Patrika)

बस्तर में यूरिया घोटाला (photo source- Patrika)

CG Fertilizer Scam: बस्तर जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था में गंभीर अनियमितता सामने आने के बाद कृषि विभाग और प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जांच में पाया गया कि यूरिया वितरण में तय नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे खाद की पारदर्शी आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला मेसर्स हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड से जुड़ी सप्लाई चेन का है। इसके तहत भानु कृषि सेवा केंद्र की ओर से 22 अप्रैल को प्राप्त यूरिया रेक के वितरण में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।

CG Fertilizer Scam: तुरंत की जाएगी सख्त कार्रवाई

कृषि विभाग की जांच में यह खुलासा हुआ कि निजी विक्रेताओं के लिए सुरक्षित रखी गई लगभग 100.80 मीट्रिक टन यूरिया को नियमों के खिलाफ जाकर अन्य जिले में भेज दिया गया। इसके अलावा, कई बिक्री बिना आवश्यक आईएफएमएस आईडी के सीधे खुदरा विक्रेताओं को कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार, उर्वरक वितरण प्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूरी तरह ट्रैक किया जाना चाहिए, ताकि हर बोरी की जानकारी दर्ज रहे।

लेकिन इस मामले में सिस्टम को दरकिनार कर मनमानी तरीके से वितरण किया गया। प्रशासन ने साफ किया है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और अनियमितता पाए जाने पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

किसानों पर असर की आशंका

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की अनियमितताओं से खरीफ सीजन में खाद की कृत्रिम कमी पैदा होने का खतरा रहता है, जिससे किसानों को समय पर उर्वरक नहीं मिल पाता। कृषि विभाग ने संकेत दिए हैं कि अब सभी उर्वरक विक्रेताओं की नियमित और रैंडम जांच की जाएगी। साथ ही स्टॉक और बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी गड़बडिय़ों को रोका जा सके।

CG Fertilizer Scam: प्रशासन की सख्त कार्रवाई

गड़बड़ी सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित फर्म पर 21 दिनों के लिए थोक उर्वरक बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि, सप्लाई चेन प्रभावित न हो इसलिए रेक हैंडलिंग और परिवहन की अनुमति जारी रखी गई है। साथ ही फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और स्पष्ट किया गया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त किया जा सकता है।

उर्वरक वितरण पूरी तरह निगरानी की जा रही है, इस मामले में नियमों का उल्लंघन हुआ है, जिसे गंभीरता से लिया गया है। नोटिस जारी करते हुए दुकान को सील कर दिया गया है- राजीव श्रीवास्तव उप संचालक, कृषि विभाग