Abujhmad News: दंतेवाड़ा के पुनर्वास केंद्र में युवाओं से मुलाकात कर उनकी आत्मनिर्भरता की सराहना की और दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की।
Abujhmad News: छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री Vijay Sharma ने बस्तर दौरे के दौरान एक ऐसा कदम उठाया, जिसने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ विकास और विश्वास बहाली की दिशा में बड़ा संदेश दिया। वे अबूझमाड़ जैसे अतिसंवेदनशील और कभी नक्सल गतिविधियों के गढ़ माने जाने वाले इलाके में पैदल पहुंचे। यह वही क्षेत्र है, जहां पहले नक्सली आईईडी ब्लास्ट और घात लगाकर हमलों के जरिए सुरक्षा बलों को निशाना बनाते रहे हैं।
अबूझमाड़ लंबे समय तक नक्सलियों का सुरक्षित ठिकाना माना जाता रहा है। घने जंगल, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां और सीमित प्रशासनिक पहुंच के कारण यह इलाका वर्षों तक विकास से दूर रहा। यहां सुरक्षा बलों को अक्सर आईईडी विस्फोट और एम्बुश का सामना करना पड़ता था। ऐसे इलाके में गृहमंत्री का पैदल पहुंचना न केवल सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाने वाला है, बल्कि यह संकेत भी है कि अब राज्य सरकार इन क्षेत्रों में स्थायी शांति और विकास स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अपने दौरे के दौरान गृहमंत्री ने दंतेवाड़ा जिले के पुनर्वास केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे युवक-युवतियों से मुलाकात की और उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बताया कि पुनर्वासित लोग अब इलेक्ट्रिक कार्य, सिलाई जैसे कौशल सीखकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह बदलाव सिर्फ उनके व्यक्तिगत जीवन में नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बन रहा है कि सही दिशा और अवसर मिलने पर कोई भी नई शुरुआत कर सकता है।
बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों—जैसे “लोन वर्राटू”—का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं और सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें मुख्यधारा में जोड़ा जा रहा है। इन अभियानों का उद्देश्य केवल सुरक्षा कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में विश्वास पैदा करना और विकास को बढ़ावा देना भी है।
दौरे के दौरान गृहमंत्री ने Danteshwari Temple में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। बस्तर में मां दंतेश्वरी को विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है और यहां हर शुभ कार्य से पहले उनके दर्शन की परंपरा रही है।
बस्तर में सरकार की रणनीति अब दो प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—सुरक्षा और विकास। एक ओर जहां सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के जरिए आम लोगों का जीवन बेहतर बनाने की कोशिश हो रही है। अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों में सड़क और मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाने के प्रयास भी तेज हुए हैं, जिससे प्रशासन की पहुंच मजबूत हो रही है।