जयपुर

राजस्थान के 9 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों की बदलेगी सूरत, 165 करोड़ रुपए होंगे खर्च

Rajasthan Anganwadi Centers: जर्जर आंगनबाड़ी केन्द्रों की अब दशा सुधरेगी। करीब 9 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्रों में मरम्मत व रंग-रोगन का काम होगा।

2 min read
Sep 14, 2025
फाइल फोटो -पत्रिका

जयपुर। जर्जर आंगनबाड़ी केन्द्रों की अब दशा सुधरेगी। करीब 9 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्रों में मरम्मत व रंग-रोगन का काम होगा। इनमें कुछ आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचालय बनाने के साथ बिजली-पानी की सुविधा भी विकसित होगी। करीब एक हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों में काम शुरू भी हो चुका है। अधिक जर्जर भवनों में समग्र शिक्षा अभियान (समसा) के माध्यम से मरम्मत करवाई जा रही है। इन पर करीब 165 करोड़ रुपए से अधिक खर्च करेंगे।

महिला बाल विकास विभाग 2365 केन्द्रों को आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्र में विकसित कर रहा है। इसमें भवनों की मरम्मत करने के अलावा शौचालय का निर्माण व पेयजल व बिजली की सुविधा भी विकसित की जा रही है। इसमें विभाग 46.42 करोड़ रुपए खर्च कर रहा है। इनमें एक हजार से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवनों की मरम्मत व रंग-रोगन शुरू हो गया है।

ये भी पढ़ें

Monsoon Farewell: राजस्थान में गिरने लगा रात का पारा, मानसून की विदाई की तारीख तय

समसा के माध्यम से करवा रहे काम

विभाग प्रथम चरण में समग्र शिक्षा अभियान (समसा) के माध्यम से 3 हजार 33 भवनों की मरम्मत करवा रहा है। इसके लिए 50 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की है। विभाग ने आंगनबाड़ी केन्द्रों की मरम्मत के लिए करीब 4 माह का समय दिया है। जब तक इन आंगनबाड़ी केन्द्रों को आसपास के सरकारी भवनों में शिफ्ट किया जाएगा। दूसरे चरण में 2979 आंगनबाड़ी केन्द्रों में मरम्मत का काम करवाया जाएगा। इस पर करीब 53 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

बारिश ने पहुंचाया नुकसान

अधिक बारिश ने भी आंगनबाड़ी केंद्रों को नुकसान पहुंचाया है। इन आंगनबाड़ी केन्द्रों में आपदा राहत कोष से भवनों की मरम्मत करवाई जाएगी। इसके लिए 6 जिलों में 15.90 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इनमें टोंक, सिरोही, डूंगरपुर, नागौर, उदयपुर व प्रतापगढ़ जिले के आंगनबाड़ी केन्द्र शामिल हैं। विभाग के अधिकारियों की मानें तो अन्य जिलों में भी आपदा राहत कोष से बजट जारी होगा।

जर्जर भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में मरम्मत शुरू हो गई है। जहां जरूरत है, वहां सभी केन्द्रों की इमारतों में मरम्मत करवाई जा रही है।
-वासुदेव मालावत, निदेशक, समेकित बाल विकास सेवाएं

ये भी पढ़ें

आस्था की उड़ान पर ब्रेक, नियमों के फेर में फंसी खाटूश्यामजी-सालासर हेलीकॉप्टर सेवा

Also Read
View All

अगली खबर